सांसद अजय भट्ट के इस बड़े ऐलान से चमकी बिंदुखत्ता के हजारों परिवारों की किस्मत!

सांसद अजय भट्ट के इस बड़े ऐलान से चमकी बिंदुखत्ता के हजारों परिवारों की किस्मत!

उत्तराखंड के नैनीताल-उधम सिंह नगर संसदीय क्षेत्र अंतर्गत आने वाले बिंदुखत्ता क्षेत्र को राजस्व गांव (Revenue Village) का दर्जा दिए जाने की दशकों पुरानी मांग को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक व राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। क्षेत्रीय सांसद एवं पूर्व केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने स्थानीय ग्रामीणों की इस बहुप्रतीक्षित मांग का पुरजोर समर्थन करते हुए बड़ा ऐलान किया है।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिंदुखत्ता की जनता की भावनाओं और उनके वाजिब अधिकारों के साथ पूरी सरकार मजबूती से खड़ी है तथा इस दिशा में बहुत जल्द धरातल पर सकारात्मक और ठोस परिणाम सामने आने वाले हैं।

वन मंत्री सुबोध उनियाल से फोन पर वार्ता, कैबिनेट प्रस्ताव की तैयारी

सांसद अजय भट्ट ने जानकारी देते हुए बताया कि इस जटिल और संवेदनशील मसले के स्थायी समाधान को लेकर उनकी प्रदेश के वन मंत्री सुबोध उनियाल से फोन पर विस्तृत और सकारात्मक चर्चा हुई है। वन मंत्री ने मामले में तत्परता से प्रभावी कदम उठाने की बात कही है। अजय भट्ट के अनुसार, राज्य सरकार बिंदुखत्ता को राजस्व गांव घोषित करने के विषय को अत्यंत गंभीरता से ले रही है। इसके तहत राज्य मंत्रिमंडल (कैबिनेट) में विधिवत प्रस्ताव लाकर इसे जल्द ही अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भेजने की पूरी तैयारी की जा रही है। उन्होंने याद दिलाया कि वे पहले भी लोकसभा सदन में शून्यकाल और विशेष उल्लेख के माध्यम से बिंदुखत्ता के मालिकाना हक का मुद्दा प्रमुखता से उठा चुके हैं।

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने गठित कीं दो उच्चस्तरीय कमेटियां

भूमि पर मालिकाना हक (लैंड ओनरशिप राइट्स) को लेकर ग्रामीणों द्वारा लंबे समय से किए जा रहे संघर्ष को न्यायसंगत ठहराते हुए सांसद ने कहा कि सरकार पूरी तरह जनभावनाओं के अनुरूप आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस तकनीकी और विधिक अड़चनों वाले मामले के निस्तारण के लिए दो अलग-अलग उच्चस्तरीय समितियों का गठन किया है। इसमें पहली समिति वन मंत्री की अध्यक्षता में गठित की गई है, जबकि दूसरी विशेषज्ञ समिति मुख्य सचिव की अध्यक्षता में काम कर रही है। दोनों समितियां वन भूमि, राजस्व सीमांकन और विधिक पहलुओं का गहन परीक्षण कर रही हैं, ताकि नियमों के दायरे में रहते हुए सकारात्मक समाधान निकाला जा सके।

वर्षों पुरानी मांग पर ग्रामीणों को जल्द मिलेगा मालिकाना हक

बिंदुखत्ता क्षेत्र के हजारों परिवार वर्षों से अपनी जमीनों पर मालिकाना हक और क्षेत्र को पूर्ण राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग को लेकर आंदोलनरत रहे हैं। राजस्व गांव न होने के कारण कई बुनियादी विकास योजनाएं और पट्टे से जुड़े अधिकार प्रभावित होते रहे हैं। सांसद अजय भट्ट ने विश्वास दिलाया कि धामी सरकार इस जटिल समस्या को हमेशा के लिए सुलझाने के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और दोनों समितियों की रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही ऐसा सर्वमान्य और ऐतिहासिक निर्णय लिया जाएगा जिससे क्षेत्रवासियों का दशकों का इंतजार समाप्त हो सकेगा।