भगवानपुर से 'समरसता संकल्प अभियान' का महा-आगाज: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने संत रविदास के मार्ग पर चलने का किया राष्ट्रव्यापी आह्वान

भगवानपुर से 'समरसता संकल्प अभियान' का महा-आगाज: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने संत रविदास के मार्ग पर चलने का किया राष्ट्रव्यापी आह्वान

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देवभूमि की धरती से सामाजिक एकता और समरसता का एक बहुत बड़ा संदेश दिया है। हरिद्वार जिले के अंतर्गत आने वाले भगवानपुर क्षेत्र से सीएम धामी ने आधिकारिक तौर पर 'समरसता संकल्प अभियान' की भव्य शुरुआत कर दी है। इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने महान संत और समाज सुधारक संत शिरोमणि रविदास महाराज के जीवन और उनके कालजयी संदेशों को आत्मसात करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज को सशक्त और समृद्ध बनाने के लिए जातिवाद और भेदभाव की बेड़ियों को तोड़ना बेहद जरूरी है।

समरसता संकल्प अभियान का मुख्य उद्देश्य और विजन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में शुरू हुए इस विशेष अभियान का मुख्य लक्ष्य समाज के सभी वर्गों, विशेषकर वंचित, शोषित और पिछड़े समाज को मुख्यधारा से जोड़ना और उनमें सामाजिक समरसता की भावना को सुदृढ़ करना है। भगवानपुर में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि विकास का लाभ तब तक अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंच सकता, जब तक समाज में पूर्ण रूप से समानता और बंधुत्व की भावना स्थापित न हो। राज्य सरकार इस अभियान के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों की एक बड़ी श्रृंखला शुरू करने जा रही है।

संत रविदास के विचारों से बदलेगा समाज: सीएम धामी

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने संत रविदास की अमर पंक्तियों और उनकी शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि संत रविदास ने हमेशा एक ऐसे समाज की कल्पना की थी जहां कोई भी भूखा न रहे और हर नागरिक को समान अधिकार मिले। उन्होंने कहा, "संत रविदास जी का संदेश किसी एक वर्ग के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए कल्याणकारी है। उनकी शिक्षाएं हमें आपसी प्रेम, करुणा और अखंडता का पाठ पढ़ाती हैं।" सीएम ने युवाओं से अपील की कि वे महापुरुषों के दिखाए गए मार्ग का अनुसरण करें और एक सशक्त उत्तराखंड और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।

हरिद्वार और स्थानीय क्षेत्र के विकास के लिए बड़ी घोषणाएं

लोकल और जियोग्राफिकल ऑप्टिमाइजेशन को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने भगवानपुर और पूरे हरिद्वार जिले के विकास कार्यों की भी समीक्षा की। इस ऐतिहासिक मंच से सीएम धामी ने अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास, सड़कों के सुदृढ़ीकरण और युवाओं के कौशल विकास के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं का खाका पेश किया। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सरकार की सभी जनकल्याणकारी नीतियों का लाभ सीधे तौर पर धरातल पर गरीब परिवारों तक बिना किसी रुकावट के पहुंचना चाहिए। इस अभियान की शुरुआत के बाद स्थानीय जनता और सामाजिक संगठनों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

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