हरिद्वार कांवड़ हादसा: आराम कर रहे 2 कांवड़ियों पर गिरा भारी गर्डर, दर्दनाक मौत के बाद NHAI पर FIR दर्ज
उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में कांवड़ यात्रा के दौरान एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। बहादराबाद थाना क्षेत्र के बढ़ेड़ी राजपूतान गांव के पास निर्माणाधीन हाईवे फ्लाईओवर के नीचे रखे लोहे के भारी गर्डर अचानक गिरने से दो युवा कांवड़ियों की जान चली गई।
इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए और परिजनों की शिकायत के आधार पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया है। यह हादसा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में सुरक्षा मानकों की बड़ी चूक की ओर इशारा कर रहा है।
हादसे का खौफनाक मंजर: आराम करने रुके थे मोदीनगर के शिवभक्त
हादसा शनिवार, 1 अगस्त को उस वक्त हुआ जब शिवभक्त कांवड़िए हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर लौट रहे थे। मृतकों की पहचान 21 वर्षीय अक्षित उर्फ तनुज (पुत्र महेश) और 18 वर्षीय कृष्ण (पुत्र मटरू) के रूप में हुई है।
दोनों उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में मोदीनगर के भोजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सकुरपुर गांव के रहने वाले थे। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों युवक थकान मिटाने के लिए बढ़ेड़ी राजपूतान गांव के पास हाईवे के निर्माणाधीन फ्लाईओवर के नीचे रुके थे। इसी दौरान वहां असुरक्षित तरीके से रखे गए लोहे के भारी-भरकम गर्डर अचानक खिसक गए और दोनों युवकों को अपनी चपेट में ले लिया। गर्डर के नीचे दबने से दोनों गंभीर रूप से लहूलुहान हो गए। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी और परिजनों का गुस्सा
इस हृदयविदारक घटना के बाद मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। कांवड़ियों के परिजनों ने निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस को दी गई अपनी लिखित तहरीर में परिजनों ने स्पष्ट आरोप लगाया है कि यह हादसा पूरी तरह से एनएचएआई (NHAI) की घोर लापरवाही का नतीजा है। उनका कहना है कि कंस्ट्रक्शन साइट पर जरूरी सुरक्षा मानकों (Safety Standards) को ताक पर रख दिया गया था।
इतने भारी गर्डरों को बिना किसी सपोर्ट या बैरिकेडिंग के असुरक्षित तरीके से छोड़ दिया गया था। परिजनों का दावा है कि अगर निर्माण स्थल पर उचित सुरक्षा व्यवस्था होती, तो आज उनके बच्चों की जान बच सकती थी। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी सजा की मांग की है।