बकाया सैलरी मांगते-मांगते खूनी बना हेल्पर, 72 वर्षीय बुजुर्ग की बेरहमी से हत्या

बकाया सैलरी मांगते-मांगते खूनी बना हेल्पर, 72 वर्षीय बुजुर्ग की बेरहमी से हत्या

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के शांत रिहायशी इलाके रायपुर से एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां किताबों की एक जानी-मानी दुकान पर पिछले 15 वर्षों से काम कर रहे एक भरोसेमंद हेल्पर ने महज बकाया वेतन के विवाद में अपने ही मालिक की 72 वर्षीय बुजुर्ग पत्नी को मौत के घाट उतार दिया। हत्या की इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी महिला के हाथ से सोने के कंगन लूटकर फरार हो गया था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए वारदात की सूचना मिलने के कुछ ही घंटों के भीतर आरोपी को दबोच लिया।

रायपुर के घर में खून से लथपथ मिलीं बुजुर्ग रेखा बंसल

देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेंद्र सिंह डोबाल के मुताबिक डिस्पेंसरी रोड पर स्थित मशहूर 'अनुज प्रकाशन' के मालिक दिनेश बंसल ने गुरुवार शाम पुलिस को फोन पर सूचना दी कि उनकी पत्नी रेखा बंसल (72) रायपुर स्थित आवास पर बेसुध हालत में पड़ी हैं और उनके चेहरे पर गहरे घाव और चोटों के निशान हैं। सूचना पाते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आपातकालीन सेवा 108 के जरिए एंबुलेंस बुलाई, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद बुजुर्ग महिला को मृत घोषित कर दिया। दिनेश बंसल की तहरीर पर पुलिस ने तुरंत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) (हत्या) के तहत संगीन मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

सीसीटीवी फुटेज ने खोला 15 साल पुराने वफादार का राज

घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने और गोपनीय इनपुट जुटाने के बाद पुलिस की सुई दुकान के पुराने कर्मचारी विनीत कुमार (33) पर जाकर टिकी। पुलिस ने घेराबंदी करते हुए आरोपी विनीत को जोगीवाला क्षेत्र में स्थित रिंग रोड से हिरासत में ले लिया। मूल रूप से उत्तरकाशी जिले के पुरोला का रहने वाला विनीत पिछले 10 साल से देहरादून के अजबपुर कलां इलाके में किराए का मकान लेकर अपने परिवार के साथ रह रहा था। वह दिन में अनुज प्रकाशन पर हेल्पर का काम करता था, जबकि पिछले दो साल से बीजे सिक्योरिटी सर्विसेज के जरिए त्रिलोकेश गेस्ट हाउस में रात के समय सिक्योरिटी गार्ड की ड्यूटी भी कर रहा था।

मालिक के स्कूटर से पहुंचा घर और पिछले दरवाजे से की एंट्री

सख्ती से पूछताछ में आरोपी विनीत ने अपना जुर्म कबूल करते हुए पूरी साजिश का खुलासा किया। उसने बताया कि वह पिछले 15 साल से दिनेश बंसल को जानता था और उनकी दुकान संभालता था। उसका दिनेश बंसल पर काफी समय से वेतन का पैसा बकाया था, जिसे वह बार-बार मांगने पर भी नहीं दे रहे थे। घटना वाले दिन विनीत दुकान से दिनेश बंसल का ही स्कूटर लेकर उनके रायपुर स्थित घर पहुंच गया। घर का पिछला दरवाजा आमतौर पर खुला रहता था, जिसका फायदा उठाकर वह सीधे अंदर दाखिल हो गया। उस समय घर में रेखा बंसल बिल्कुल अकेली थीं।

कड़े से चेहरे पर जानलेवा वार, चीख दबाने के लिए घोंट दिया दम

विनीत ने बुजुर्ग महिला रेखा बंसल से अपने बकाए पैसों की मांग की, लेकिन जब उन्होंने भी रकम देने से साफ इनकार कर दिया तो दोनों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। तकरार इतनी बढ़ गई कि गुस्से से आगबबूला होकर विनीत ने अपने हाथ में पहने भारी धातु के 'कड़े' से वृद्धा के चेहरे पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। चोट लगते ही रेखा बंसल लहूलुहान होकर बिस्तर पर गिर पड़ीं और जोर-जोर से मदद के लिए चिल्लाने लगीं। खुद के पकड़े जाने के डर से विनीत ने घबराकर उनके मुंह और नाक को दोनों हाथों से इतनी बेरहमी से दबा दिया कि दम घुटने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

कंगन लूटे, कपड़े बदले और बेच दिए जेवरात; पुलिस ने की बरामदगी

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने बेरहमी की सारी हदें पार करते हुए मृतका की कलाई से सोने के कंगन उतारे और स्कूटर से सीधे त्रिलोकेश गेस्ट हाउस भाग गया। वहां पहुंचकर उसने खून के छींटों से सने कपड़े बदले और लूटे गए सोने के कंगन को बाजार में बेच दिया। देहरादून पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी की निशानदेही पर कत्ल में इस्तेमाल किया गया कड़ा और बेचे गए सोने के कंगन पूरी तरह बरामद कर लिए हैं।