हरिद्वार में भीषण हादसा: गंगा नहर में डूबने से 4 नाबालिग कांवड़ियों की दर्दनाक मौत, परिजनों में मचा भारी कोहराम
पवित्र नगरी हरिद्वार से कांवड़ मेले के बीच एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। कांवड़ यात्रा पर आए चार नाबालिग कांवड़ियों की गंगा नहर में डूबने से मौत हो गई है। यह भीषण हादसा उस वक्त हुआ जब चारों किशोर कांवड़ उठाने से पहले गंगा नहर के तेज बहाव में स्नान करने के लिए उतरे थे। जल पुलिस और गोताखोरों की टीम ने भारी मशक्कत के बाद चारों के शवों को नहर से बाहर निकाला। इस दर्दनाक हादसे की सूचना मिलते ही कांवड़ शिविरों में सन्नाटा पसर गया है और मृतकों के घरों में कोहराम मच गया है।
स्नान करने के दौरान तेज बहाव की चपेट में आए किशोर
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पड़ोसी राज्यों से शिवभक्तों का एक जत्था पवित्र गंगाजल लेने के लिए हरिद्वार पहुंचा था। इस जत्थे में शामिल चार नाबालिग दोस्त भी कांवड़ लेने के उत्साह के साथ आए थे। बताया जा रहा है कि मुख्य घाटों की भीड़ से बचकर चारों किशोर गंगा नहर के एक किनारे पर स्नान करने लगे। इसी दौरान पानी की गहराई का अंदाजा न होने और अचानक आए पानी के तेज बहाव के कारण एक किशोर का संतुलन बिगड़ गया और वह डूबने लगा। उसे बचाने के प्रयास में बाकी के तीन दोस्त भी एक-दूसरे का हाथ पकड़कर आगे बढ़े, लेकिन नहर के गहरे भंवर और तेज करंट ने चारों को अपनी आगोश में ले लिया।
जल पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) ने चलाया बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन
घाट पर मौजूद अन्य श्रद्धालुओं ने जब बच्चों को डूबते देखा, तो तुरंत शोर मचाया और मामले की जानकारी पास में तैनात पुलिस चौकी को दी। सूचना मिलते ही हरिद्वार जल पुलिस, गोताखोर और एसडीआरएफ (SDRF) की रेस्क्यू टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। उफनती नहर में गोताखोरों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत और सर्च अभियान के बाद, घटनास्थल से कुछ दूरी पर चारों नाबालिगों को अचेत अवस्था में पानी से बाहर निकाला गया। उन्हें तुरंत नजदीकी जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस प्रशासन की चेतावनी: घाटों पर नियमों का न करें उल्लंघन
इस दर्दनाक हादसे के बाद पुलिस प्रशासन ने कांवड़ मेले में सुरक्षा गाइडलाइंस को और सख्त कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने सभी शिवभक्तों और कांवड़ियों से अपील की है कि वे केवल प्रशासन द्वारा चिन्हित किए गए सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें। जहां पर सुरक्षा जंजीर (Safety Chains) और बैरिकेडिंग लगी है, उसे पार करने की कोशिश बिल्कुल न करें। अनजाने और सुनसान घाटों या नहरों के तेज बहाव में उतरना जानलेवा साबित हो सकता है। पुलिस ने चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर उनके परिजनों को सूचित कर दिया है, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है।