घंटों भूखा रख तोड़ी कॉलर बोन, पति ने पत्नी को उतारा मौत के घाट
उत्तराखंड के नैनीताल जिले के अंतर्गत रामनगर के खताड़ी इलाके से दहेज हत्या का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां शादी के महज पांच महीने बाद ही 20 वर्षीय नवविवाहिता कोहिनूर को 5 लाख रुपये नकद और बुलेट मोटरसाइकिल की मांग पूरी न होने पर ससुरालियों ने तड़पा-तड़पा कर मौत के घाट उतार दिया। हल्द्वानी स्थित पुलिस बहुउद्देशीय भवन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. मंजूनाथ टीसी ने इस खौफनाक हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर मृतका के पति उवेश, सास नसरीन, जेठ और ननद को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि वारदात वाले दिन सास द्वारा दी गई कमीज को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद इस कदर बढ़ा कि पहले बहू को पांच घंटे तक कमरे में भूखा-प्यासा बंधक बनाकर रखा गया और फिर सुनियोजित तरीके से उसकी निर्मम हत्या कर दी गई।
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के ठाकुरद्वारा (डिलारी, बुढनपुर गांव) निवासी नसीम अहमद ने 18 अक्टूबर को पुलिस को तहरीर सौंपते हुए इंसाफ की गुहार लगाई थी। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी कोहिनूर का निकाह 16 मई को रामनगर निवासी उवेश के साथ हुआ था, लेकिन शादी के कुछ दिन बाद से ही पति और ससुराल पक्ष के लोग बुलेट और 5 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग को लेकर लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। 16 अक्टूबर को सास नसरीन ने अपने छोटे बेटे की एक कमीज उवेश को पहनने के लिए दी, जिस पर कोहिनूर ने अपनी पसंद की कमीज पहनने की बात कही। इसी बात से आगबबूला होकर ससुरालियों ने उसे कमरे में बंद कर दिया और घंटों भूखा-प्यासा रखकर रास्ते से हटाने की साजिश रची।
साजिश के तहत जब आरोपी कमरे में पहुंचे और मारपीट शुरू की, तो कोहिनूर ने आत्मरक्षा में सास और ननद को धक्का देकर खुद को बचाने का भरसक प्रयास किया। इस दौरान पति उवेश ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए अपने घुटनों के पूरे भार से दबाव बनाकर कोहिनूर की दोनों कॉलर बोन (हंसली की हड्डी) तोड़ दीं। चीख-पुकार बाहर न जा सके, इसलिए सास नसरीन ने उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और फिर गला घोंटकर उसकी गर्दन की हड्डी तक तोड़ दी गई, जिससे मौके पर ही तड़प-तड़प कर उसकी जान चली गई।
वारदात को आत्महत्या की शक्ल देने के लिए आरोपियों ने शव को फंदे से लटकाने का झूठा ड्रामा रचा और अस्पताल ले गए। हालांकि, अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर को महिला के गले पर हैंगिंग (फंदे) के कोई मेडिकल निशान नहीं मिले, जिससे हत्या का गहरा संदेह हुआ। पुलिस ने जब घटनास्थल की बारीकी से पड़ताल की, तो वहां फंदा लगाकर झूलने लायक जरूरी ऊंचाई और जगह ही नहीं पाई गई। डॉक्टर के इनपुट और फोरेंसिक सबूतों के आधार पर पुलिस ने हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की, तो सभी आरोपी टूट गए और उन्होंने अपना खौफनाक जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या और दहेज उत्पीड़न की संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।