प्रलय बनकर बरस रही है बारिश! घरों को छोड़ सुरक्षित ठिकानों पर भागने को मजबूर हुए लोग; उड़ी रातों की नींद

प्रलय बनकर बरस रही है बारिश! घरों को छोड़ सुरक्षित ठिकानों पर भागने को मजबूर हुए लोग; उड़ी रातों की नींद

उत्तराखंड के ज्योतिर्मठ ब्लॉक का किमाणा गांव इन दिनों भयानक प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहा है। हल्की सी बारिश होते ही पहाड़ों से भारी मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर (पत्थर) सीधे गांव की तरफ गिर रहे हैं।

बीते 12 दिनों (21 जुलाई से) से लगातार हो रही इस बारिश ने पूरे गांव में खौफ का माहौल पैदा कर दिया है। लोग अपने घरों में रहने से डर रहे हैं और पूरी-पूरी रात जागकर गुजारने को विवश हैं।

आधी रात को जान बचाने की जद्दोजहद

पहाड़ से बहकर आ रहे मलबे ने गांव की नकदी फसलों और गौशालाओं को भारी नुकसान पहुंचाया है। हालात इतने डरावने हैं कि ग्रामीण रात के समय अपना घर छोड़कर सुरक्षित ठिकानों की तलाश में निकल पड़ते हैं। ग्राम प्रधान शशि देवी ने बताया कि रात करीब साढ़े बारह बजे गांव में चीख-पुकार मच गई। लोग हाथ में टॉर्च लेकर अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे थे। इस खौफनाक मंजर का वीडियो और फोटो स्थानीय प्रशासन को भेजकर तत्काल मदद की गुहार लगाई गई है।

प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने किया मुआयना

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शनिवार को बद्रीनाथ के विधायक लखपत बुटोला और ब्लॉक प्रमुख अनूप नेगी सहित कई जनप्रतिनिधि किमाणा गांव पहुंचे। उन्होंने मौके पर जाकर तबाही का जायजा लिया और डरे हुए ग्रामीणों को हर संभव मदद का भरोसा दिया। वहीं एसडीएम चन्द्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि प्रभावित परिवारों को फौरन टेंट और त्रिपाल बांट दिए गए हैं। आपदा प्रबंधन की टीम गांव में डेरा डाले हुए है और क्षतिग्रस्त गौशालाओं के लिए सरकारी नियमों के तहत उचित मुआवजा दिया जाएगा।

Latest Posts