रुड़की में बड़ा हादसा! दिल्ली-हरिद्वार हाईवे पर धू-धू कर जली कांवड़िए की बाइक, बाल-बाल बची जान
सावन के पवित्र महीने में डाक कांवड़ का उत्साह अपने चरम पर है। इसी बीच उत्तराखंड के रुड़की से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। दिल्ली-हरिद्वार हाईवे पर गंगाजल लेकर लौट रहे एक कांवड़िये की चलती बाइक अचानक आग का गोला बन गई। लपटें इतनी भयानक थीं कि पलक झपकते ही पूरी बाइक धू-धू कर जलने लगी, जिससे मौके पर भारी अफरा-तफरी और दहशत का माहौल पैदा हो गया।
समय रहते कूद गया शिवभक्त, बच गई जान
यह खौफनाक घटना बीती देर रात नगला इमरती गांव के पास स्थित सागर रत्ना होटल के ठीक सामने घटी। बताया जा रहा है कि कांवड़िया अपनी बाइक पर डाक कांवड़ लेकर तेज गति से अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहा था। तभी अचानक इंजन के पास से आग भड़क उठी। गनीमत यह रही कि जैसे ही कांवड़िये को आग की भनक लगी, वह तुरंत चलती बाइक से नीचे कूद गया। उसकी इस सूझबूझ से एक बड़ा और जानलेवा हादसा होते-होते टल गया। हालांकि, उसकी बाइक पूरी तरह जलकर राख हो गई।
क्यों लगी आग? पुलिस ने बताई 'साइलेंसर' वाली बड़ी गलती
इस हादसे के बाद पुलिस जांच में एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया आग लगने का मुख्य कारण बाइक का साइलेंसर हटा होना माना जा रहा है। दरअसल, डाक कांवड़ के रोमांच में कई युवा अपनी बाइक्स का साइलेंसर निकाल देते हैं, जिससे इंजन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और स्पार्क के कारण आग लगने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
एसपी देहात की कांवड़ियों से विशेष अपील
रुड़की के एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि राहत की बात है कि कांवड़िया पूरी तरह से सुरक्षित है और इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है। उन्होंने सभी शिवभक्तों से सख्ती से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को ताक पर रखकर वाहनों से साइलेंसर न हटाएं। पुलिस प्रशासन लगातार कांवड़ियों को सुरक्षित यात्रा के प्रति जागरूक कर रहा है।
पुलिस ने संभाला मोर्चा, हाईवे का ट्रैफिक कराया सुचारू
जैसे ही बीच हाईवे पर बाइक धू-धू कर जलने लगी, वहां तमाशबीनों की भारी भीड़ जमा हो गई। इस वजह से दिल्ली-हरिद्वार हाईवे पर कुछ देर के लिए भयंकर जाम की स्थिति बन गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने आसपास मौजूद लोगों की मदद से जली हुई बाइक के मलबे को सड़क किनारे करवाया और बाधित यातायात को फिर से सुचारू रूप से चालू कराया।