अल्मोड़ा में देर रात कुदरत का कहर: मलबे में समाया मकान, महिला और 2 मासूम दबे, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

अल्मोड़ा में देर रात कुदरत का कहर: मलबे में समाया मकान, महिला और 2 मासूम दबे, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मूसलाधार बारिश का सिलसिला जानलेवा साबित हो रहा है। अल्मोड़ा जिले के हवालबाग ब्लॉक अंतर्गत वड्यूडा गांव में देर रात भारी बारिश के बीच अचानक भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर एक आवासीय मकान पर आ गिरे। इस अप्रत्याशित हादसे में घर पूरी तरह मलबे की चपेट में आ गया और अंदर सो रहे परिवार के तीन सदस्य—एक महिला और दो मासूम बच्चे—मलबे के नीचे दब गए।

देर रात मलबे के साथ घर में घुसा सैलाब, जिंदगी की उम्मीदें धुंधली

घटना देर रात की बताई जा रही है जब क्षेत्र में भारी बारिश हो रही थी। पहाड़ी से अचानक दरके मलबे ने रिहायशी मकान को पल भर में अपनी गिरफ्त में ले लिया। हादसे के वक्त घर के भीतर एक महिला और दो बच्चे मौजूद थे, जो बाहर निकलने का मौका पाए बिना ही मलबे के नीचे समा गए। घटना के बाद से समय बीतने के साथ ही मलबे में दबे तीनों लोगों के जीवित बचने की संभावनाएं बेहद क्षीण बताई जा रही हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल है।

दुर्गम हालात और बारिश के बीच SDRF व आपदा प्रबंधन का संयुक्त रेस्क्यू

हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF), जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की टीम, स्थानीय पुलिस और राहत बल तुरंत मौके के लिए रवाना हुए। लगातार हो रही बारिश, अंधेरे और दुर्गम पहाड़ी रास्तों के बावजूद बचाव दल मौके पर पहुंचकर युद्धस्तर पर मलबे को हटाने और दबे हुए लोगों को निकालने के लिए सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं।

तहसील प्रशासन मौके पर तैनात, जनप्रतिनिधियों ने मांगी त्वरित मदद

घटनास्थल पर तहसील प्रशासन की टीम पहुंच चुकी है और राहत-बचाव कार्यों की निगरानी कर रही है। स्थानीय जिला पंचायत सदस्य महेश नयाल ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से फोन पर बातचीत कर तत्काल अतिरिक्त संसाधन और हर संभव तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। प्रशासन ने आसपास के खतरे की जद में आए अन्य घरों को भी एहतियातन सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं।