उत्तराखंड में आस्था का नया रिकॉर्ड, चारधाम के साथ प्रमुख मंदिरों में भी बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या
देवभूमि उत्तराखंड में इन दिनों आस्था और धार्मिक पर्यटन का एक नया और अभूतपूर्व इतिहास लिखा जा रहा है। राज्य में स्थित विश्व प्रसिद्ध चारधाम के अलावा अन्य प्रमुख पौराणिक और धार्मिक मंदिरों में भी देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी इजाफा देखा जा रहा है। हर साल लाखों की तादाद में पहुंच रहे भक्त इस बात का प्रमाण हैं कि उत्तराखंड भारतीय आध्यात्मिक पर्यटन का सबसे बड़ा वैश्विक केंद्र बनता जा रहा है। राज्य सरकार की बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था, सुगम सड़कों और उन्नत परिवहन सुविधाओं के कारण तीर्थयात्रियों का यह सफर अब पहले से कहीं अधिक आसान और सुविधाजनक हो गया है।
चारधाम यात्रा में उमड़ रहा है आस्था का सैलाब
उत्तराखंड की आत्मा कहे जाने वाले चारधाम यानी बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलने के बाद से ही यहां भक्तों का तांता लगा हुआ है। पिछले कुछ वर्षों के मुकाबले इस बार श्रद्धालुओं की संख्या ने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में प्रतिदिन दर्शन करने के लिए पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों की लंबी कतारें यह बताने के लिए काफी हैं कि लोगों में भगवान के प्रति कितनी गहरी आस्था है। प्रशासन द्वारा यात्रियों की सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए किए गए पुख्ता इंतजामों के कारण चारधाम यात्रा बेहद व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ रही है।
प्रमुख शक्तिपीठों और पौराणिक मंदिरों में भी रिकॉर्ड भीड़
केवल चारधाम ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड के अन्य प्राचीन और सिद्ध पीठ मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। हरिद्वार के हर की पौड़ी, ऋषिकेश के घाटों के साथ-साथ कुमाऊं क्षेत्र के कैंची धाम, जागेश्वर धाम, पूर्णागिरि, नंदा देवी और गढ़वाल के ट्यूनी, चंद्रबनी, और धारी देवी जैसे प्रमुख मंदिरों में भी बारहों महीने पर्यटकों और भक्तों का तांता लगा रहता है। विशेषकर नीम करोली बाबा के प्रसिद्ध आश्रम कैंची धाम में तो देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आध्यात्मिक शांति की तलाश में पहुंच रहे हैं।
स्थानीय आर्थिकी और पर्यटन को मिल रहा जबरदस्त बढ़ावा
धार्मिक पर्यटन में आई इस ऐतिहासिक तेजी से उत्तराखंड की स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी पंख लग गए हैं। होमस्टे, होटल व्यवसाय, स्थानीय हस्तशिल्प, ट्रांसपोर्ट और ढाबा संचालकों के व्यापार में जबरदस्त उछाल आया है। राज्य सरकार और पर्यटन विभाग द्वारा लगातार तीर्थ क्षेत्रों का विकास करने तथा मास्टर प्लान के तहत आधुनिक सुविधाएं मुहैया कराने से पर्यटकों का अनुभव और बेहतर हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन के आंकड़े नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे।