आयुष्मान से बाहर थे ये 22 स्वास्थ्य केंद्र, अब मिलेगा बड़ा फायदा! चकराता-कालसी के मरीजों को राहत
देहरादून जिले के सुदूर और पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर एक बड़ा सकारात्मक बदलाव होने जा रहा है। अब तक जिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में सुविधाएं सीमित थीं और जो आयुष्मान नेटवर्क से बाहर थे उन्हें अब सीधे इस योजना के दायरे में लाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के इस कदम से चकराता से लेकर डोईवाला तक के हजारों ग्रामीणों को छोटी-मोटी बीमारियों या सामान्य सर्जरी के लिए शहर के बड़े अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
प्रशासन की सख्ती और पांच दिन की समयसीमा
शासन और स्वास्थ्य महानिदेशालय से मिले कड़े निर्देशों के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा ने सभी संबंधित प्रभारियों और चिकित्सा अधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। केंद्रों को योजना के तहत सूचीबद्ध करने का काम पांच दिनों के भीतर पूरा करना होगा। विभाग ने साफ किया है कि इस प्रक्रिया में किसी भी तरह की सुस्ती या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निःशुल्क उपचार और स्थानीय स्तर पर भर्ती की नई व्यवस्था
अब तक इन प्राथमिक केंद्रों पर आयुष्मान कार्ड की सुविधा न होने के कारण गरीब और जरूरतमंद मरीज पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज के अधिकार से वंचित रह जाते थे। योजना से जुड़ने के बाद इन केंद्रों की कार्यप्रणाली में बड़ा सुधार आएगा। यहां तैनात चिकित्सक ओपीडी के अलावा सामान्य बीमारियों के मरीजों और छोटे ऑपरेशनों वाले रोगियों को भी भर्ती कर सकेंगे। केंद्रों पर एक से चार बिस्तरों की उपलब्धता के साथ डॉक्टर फार्मासिस्ट और अन्य सहयोगी स्टाफ पहले से मौजूद है जिससे अब स्थानीय स्तर पर ही मुकम्मल इलाज मिल सकेगा।
इन छह विकासखंडों के 22 प्राथमिक केंद्र होंगे शामिल
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सहसपुर ब्लॉक: भगवंतपुर
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डोईवाला ब्लॉक: भानियावाला छिद्दरवाला और गुमानीवाला
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रायपुर ब्लॉक: सरोना और रानीपोखरी
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विकासनगर ब्लॉक: कटापत्थर कोटी ढलानी रुद्रपुर एवं डाकपत्थर
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चकराता ब्लॉक: बुलहाड़ मेहरावना भटाड़ बरोथा खाबू और कोटी कनासर
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कालसी ब्लॉक: कालसी टाइप-ए लखवाड़ टाइप-ए कमला टाइप-ए पिंगिरी टाइप-ए बिरमौ तथा टाइप-ए मुंढान
इस विस्तार से देहरादून के दुर्गम इलाकों में बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं का ढांचा मजबूत होगा और मरीजों का समय व धन दोनों बचेगा।