नैनीताल में घुसने के लिए अब नहीं देने होंगे पैसे! भारी बवाल के बाद नगर पालिका को पीछे खींचने पड़े कदम

नैनीताल में घुसने के लिए अब नहीं देने होंगे पैसे! भारी बवाल के बाद नगर पालिका को पीछे खींचने पड़े कदम

पर्यटन नगरी नैनीताल में बाहरी जिलों के दोपहिया वाहनों पर ₹100 का प्रवेश शुल्क (Entry Fee) लगाने के विवादित फैसले पर नगर पालिका प्रशासन को आखिरकार कदम पीछे खींचने पड़े हैं। स्थानीय जनता, व्यापारियों और विभिन्न राजनीतिक संगठनों के भारी आक्रोश और बढ़ते विवाद को देखते हुए नगर पालिका ने अगले आदेश तक इस टैक्स वसूली को पूरी तरह स्थगित (Postponed) कर दिया है। नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. सरस्वती खेतवाल और अधिशासी अधिकारी (EO) रोहिताश शर्मा ने संयुक्त रूप से इस स्थगन की आधिकारिक घोषणा की।

पहचान पत्र और स्पेशल स्टिकर से स्थानीय लोगों को मिलेगी टैक्स से मुक्ति

नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. सरस्वती खेतवाल ने बताया कि जनहित को ध्यान में रखते हुए अब एक नई और व्यावहारिक व्यवस्था (New System) का खाका तैयार किया जा रहा है। इस नई नीति के तहत:

  • स्थानीय निवासी: जिन स्थानीय लोगों के पास बाहरी जनपदों के नंबर वाले दोपहिया वाहन हैं, उन्हें अपना वैध पहचान पत्र (ID Card) दिखाने पर नगर में निःशुल्क प्रवेश दिया जाएगा।

  • नगर में कार्यरत कर्मचारी व व्यापारी: नैनीताल शहर में नौकरी या व्यवसाय करने वाले बाहरी जिलों के वाहन स्वामियों के लिए विशेष स्टिकर (Special Stickers) जारी किए जाएंगे। इन स्टिकरों को वाहन पर लगाने के बाद उनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

  • सैलानी व अन्य वाहन: इन दोनों श्रेणियों के अलावा अन्य सभी बाहरी जनपदों से आने वाले दोपहिया वाहनों पर आगामी व्यवस्था के तहत प्रवेश शुल्क लागू रहेगा।

कमाई बढ़ाना नहीं, नैनीताल में ट्रैफिक का दबाव कम करना है मुख्य मकसद

अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा ने साफ किया कि लेक ब्रिज चुंगी (Lake Bridge Toll) व्यवस्था का मूल उद्देश्य नगर पालिका के राजस्व में वृद्धि करना कतई नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य सप्ताहांत (Weekends) और पीक सीजन के दौरान नैनीताल की संवेदनशील माल रोड और तल्लीताल-मल्लीताल क्षेत्रों में दोपहिया वाहनों के अत्यधिक दबाव और ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाना है। उन्होंने सुझाव दिया कि जो दोपहिया वाहन चालक यह शुल्क नहीं देना चाहते, वे शहर की सीमा से बाहर निर्धारित पार्किंग स्थलों पर अपने वाहन खड़े कर सार्वजनिक परिवहन के अन्य माध्यमों से नगर में प्रवेश कर सकते हैं। पालिका प्रशासन ने आश्वस्त किया कि शहर में कार्यरत अधिवक्ताओं, पत्रकारों और स्थानीय जरूरतमंदों को किसी भी हाल में असुविधा नहीं होने दी जाएगी।

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