8 दिन में 1 लाख से ज्यादा आवेदन! उत्तराखंड में अचानक क्यों उमड़ी फॉर्म-6 भरने वालों की भीड़? सामने आई बड़ी वजह
उत्तराखंड में गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब राज्य निर्वाचन आयोग मतदाता सूचियों को और अधिक पुख्ता बनाने के लिए विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण यानी एसएसआर (SSR) अभियान चलाने की पूरी तैयारी कर चुका है। राज्य में हाल ही में 12 से 20 अक्टूबर तक चले विशेष अभियान के दौरान वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने के लिए भारी उत्साह देखने को मिला, जहां एक लाख से अधिक लोगों ने फॉर्म-6 भरकर आवेदन किया है। देहरादून में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित अहम बैठक में प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने चुनावी तैयारियों और आयोग के आगामी कार्यक्रमों का विस्तृत ब्योरा साझा किया। उन्होंने बताया कि इस अल्प अवधि में ही आयोग को कुल 1,00,744 फॉर्म-6 प्राप्त हुए हैं, जिनमें पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं के साथ-साथ हाल ही में अपना आशियाना बदलने वाले वे नागरिक भी शामिल हैं जिन्होंने नए पते पर नाम स्थानांतरित करने के लिए आवेदन किया है।
एसआईआर प्रक्रिया के दौरान जो मतदाता किन्हीं कारणों से जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने से चूक गए थे, उन्होंने भी इस विशेष विंडो का लाभ उठाते हुए फॉर्म-6 भरकर अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वाने की प्रक्रिया पूरी की है। सर्वदलीय बैठक के दौरान अधिकारियों ने एसएसआर की समय-सारिणी, ईवीएम-वीवीपैट की प्राथमिक जांच और 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे नए मतदाताओं के पंजीकरण पर विस्तार से मंथन किया। आयोग के तय कार्यक्रम के अनुसार, उत्तराखंड में एसएसआर अभियान का औपचारिक आगाज 12 नवंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची के सार्वजनिक प्रकाशन के साथ होगा। इसके बाद 11 दिसंबर तक नागरिकों और राजनीतिक दलों से दावे तथा आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आयोग ने नियम तय किए हैं जिसके तहत कोई भी मतदाता पूरी पुनरीक्षण अवधि के दौरान फॉर्म-7 के जरिए अधिकतम 10 दावे या आपत्तियां दर्ज कर सकता है, जबकि एक कैलेंडर माह में ऐसे आवेदनों की सीमा अधिकतम पांच रखी गई है।
लोकतंत्र के इस महाअभियान में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग ने कट-ऑफ तारीख को लेकर भी स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। 12 नवंबर से शुरू होने वाले विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान के तहत वे सभी युवा अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने के पात्र होंगे, जो 01 जनवरी 2027 को 18 वर्ष की उम्र पूरी कर रहे हैं। इससे आगामी चुनावों में भारी संख्या में फर्स्ट टाइम वोटर्स को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही चुनावी मशीनरी को तकनीकी तौर पर दुरुस्त और पारदर्शी रखने के मकसद से शुक्रवार से राज्यभर में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और वीवीपैट (VVPAT) की प्रथम स्तरीय जांच (FLC) का काम भी शुरू किया जा रहा है, ताकि आने वाले किसी भी चुनाव के लिए पूरी व्यवस्था समय रहते चाक-चौबंद की जा सके।