कांवड़ यात्रा पर 'जमीन, जल और नभ' से अभेद्य सुरक्षा का पहरा: पैरामिलिट्री फोर्स ने संभाला मोर्चा, चप्पे-चप्पे पर सख्त निगरानी
पवित्र कांवड़ यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा का एक ऐसा थ्री-डायमेंशनल (3D) ब्लूप्रिंट तैयार किया है, जिसने पूरे यात्रा मार्ग को एक सुरक्षित किले में तब्दील कर दिया है। करोड़ों शिवभक्तों की सुरक्षा के लिए इस बार 'जमीन, जल और नभ' यानी तीनों मोर्चों से चौतरफा निगरानी रखी जा रही है। संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय पैरामिलिट्री फोर्स (अर्द्धसैनिक बलों) ने भी मोर्चा संभाल लिया है, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अप्रिय घटना को तुरंत नाकाम किया जा सके।
जमीन पर पैरामिलिट्री का कड़ा पहरा और फ्लैग मार्च
कांवड़ पटरी मार्ग, प्रमुख चौराहों, संवेदनशील इलाकों और कांवड़ शिविरों की सुरक्षा के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), सशस्त्र सीमा बल (SSB) और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की कई टुकड़ियों को जमीन पर तैनात किया गया है। इन केंद्रीय बलों के जवानों ने स्थानीय पुलिस बल के साथ मिलकर हाईवे और प्रमुख संवेदनशील रूटों पर फ्लैग मार्च (Flag March) निकाला है। संदिग्ध वाहनों की जांच के लिए बॉर्डर से लेकर मेला क्षेत्र तक सघन चेकिंग अभियान (Intensive Checking Drive) चलाया जा रहा है, जिससे असामाजिक तत्वों में खौफ का माहौल है।
जल में गोताखोर और नभ से 'तीसरी आंख' का पहरा
सुरक्षा के इस चक्रव्यूह को अभेद्य बनाने के लिए तकनीक और जल सेना की भी मदद ली जा रही है:
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नभ (हवा) से निगरानी: कांवड़ मार्ग और मुख्य घाटों की हवाई निगरानी के लिए आधुनिक ड्रोन कैमरों (Drones) और हाई-रेजोल्यूशन नाइट-विज़न कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। भीड़ के नियंत्रण और ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए ड्रोन से रियल-टाइम डेटा कंट्रोल रूम भेजा जा रहा है।
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जल (पानी) में मुस्तैदी: गंगा नदी और उससे जुड़ी नहरों के किनारे जल पुलिस (Water Police), गोताखोरों की टीम और एसडीआरएफ (SDRF) की फ्लड यूनिट बोट्स के साथ चौबीसों घंटे गश्त कर रही है। गहरे पानी वाले क्षेत्रों में बैरिकेडिंग और सुरक्षा जंजीरें लगाई गई हैं ताकि डूबने के हादसों को रोका जा सके।
सोशल मीडिया और सीसीटीवी (CCTV) से डिजिटल घेराबंदी
सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, पूरे कांवड़ रूट पर सैकड़ों क्लोज-सर्किट टेलीविजन (CCTV) कैमरे लगाए गए हैं, जिन्हें एक केंद्रीय एकीकृत कमांड सेंटर से जोड़ा गया है। खुफिया विभाग की लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (LIU) के जवान सादे कपड़ों में कांवड़ियों के जत्थों के साथ चल रहे हैं। इसके साथ ही, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को भी एक्टिव कर दिया गया है ताकि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की सांप्रदायिक या भ्रामक अफवाह फैलाने वाले डिजिटल शरारती तत्वों को तुरंत दबोचा जा सके। प्रशासन ने कांवड़ियों से भी अपील की है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें और किसी भी लावारिस वस्तु की सूचना तुरंत पुलिस को दें।