प्रसिद्ध बॉलीवुड सिंगर जुबिन नौटियाल के पिता रामशरण नौटियाल ने छोड़ी बीजेपी
उत्तराखंड की राजनीतिक गलियारों और पहाड़ी राज्य के प्रशासनिक हलकों से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने राजनीतिक दलों के समीकरणों को पूरी तरह से हिला कर रख दिया है। देश के जाने-माने और लोकप्रिय बॉलीवुड पार्श्व गायक (Playback Singer) जुबिन नौटियाल (Jubin Nautiyal) के पिता और वरिष्ठ राजनेता रामशरण नौटियाल (Ramsharan Nautiyal) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। रामशरण नौटियाल का पार्टी से नाता तोड़ना केवल एक साधारण इस्तीफा नहीं है, बल्कि इसे उत्तराखंड की क्षेत्रीय राजनीति में एक बहुत बड़ा राजनीतिक फेरबदल माना जा रहा है। जैसे ही उनके भाजपा छोड़ने की खबर सार्वजनिक हुई, वैसे ही राज्य के राजनीतिक दिग्गजों और कार्यकर्ताओं के बीच खलबली मच गई है। लोग यह जानने के लिए बेताब हैं कि आखिर एक लंबे समय तक पार्टी से जुड़े रहने और विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक दायित्वों का निर्वहन करने वाले रामशरण नौटियाल ने अचानक यह कड़ा कदम क्यों उठाया। इस घटना के बाद से उत्तर भारत की राजनीति में अटकलों का बाजार गर्म हो गया है, और हर कोई यह कयास लगा रहा है कि उनका अगला राजनीतिक कदम क्या होने वाला है।
रामशरण नौटियाल के इस्तीफे से उत्तराखंड बीजेपी को झटका, स्थानीय स्तर पर पार्टी की कार्यशैली और रणनीतियों पर उठे गंभीर सवाल
राजनीतिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, रामशरण नौटियाल का पार्टी से मोहभंग होने के पीछे स्थानीय स्तर पर चल रही गुटबाजी, सांगठनिक उपेक्षा और पार्टी की कार्यशैली से असंतोष को मुख्य वजह माना जा रहा है। उत्तराखंड के उत्तरकाशी और गढ़वाल क्षेत्र में अपनी मजबूत सामाजिक पकड़ और जनसेवा के कार्यों के लिए जाने जाने वाले रामशरण नौटियाल ने जबसे बीजेपी छोड़ने का आधिकारिक ऐलान किया है, तब से पार्टी के भीतर भी मंथन का दौर शुरू हो गया है। जानकारों का कहना है कि आगामी स्थानीय निकाय चुनावों और राजनीतिक रणनीतियों के लिहाज से एक वरिष्ठ नेता का इस तरह पार्टी से अलग होना सत्ताधारी दल के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकता है। रामशरण नौटियाल ने अपने राजनीतिक सफर के दौरान क्षेत्र के विकास और जनता की समस्याओं को पुरजोर तरीके से उठाया है, ऐसे में उनका यह इस्तीफा पार्टी के जमीनी काडर को भी प्रभावित कर सकता है। विरोधी दल इस मौके का फायदा उठाने की कोशिश में जुट गए हैं, और वे लगातार बीजेपी पर आंतरिक कलह और वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी करने का आरोप लगा रहे हैं।
क्या किसी अन्य राजनीतिक दल का थामेंगे दामन या बनाएंगे नई रणनीति? अब पूरे देश और पहाड़ी राज्य की निगाहें टिकी हैं अगले बड़े ऐलान पर
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि रामशरण नौटियाल का अगला राजनीतिक कदम क्या होगा और क्या वे किसी अन्य प्रमुख राजनीतिक दल का दामन थामेंगे या फिर क्षेत्रीय स्तर पर कोई नया विकल्प चुनेंगे। उत्तराखंड की राजनीति में इस बात की जोरदार चर्चा है कि कई अन्य विपक्षी दल जैसे कांग्रेस या क्षेत्रीय दल उन्हें अपने पाले में लाने के लिए अंदरखाने कोशिशें तेज कर चुके हैं, क्योंकि उनके आने से गढ़वाल क्षेत्र में पार्टी की स्थिति काफी मजबूत हो सकती है। हालांकि, रामशरण नौटियाल की तरफ से अभी तक अपनी आगामी राजनीतिक योजनाओं या किसी नई पार्टी में शामिल होने को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन उन्होंने संकेत दिए हैं कि वे अपने समर्थकों और जनता के साथ विचार-विमर्श करने के बाद ही अपना अगला राजनीतिक फैसला लेंगे। उनके बेटे और मशहूर बॉलीवुड सिंगर जुबिन नौटियाल की लोकप्रियता का असर भी स्थानीय जनता के बीच एक अलग प्रभाव रखता है, जिसके चलते इस राजनीतिक घटनाक्रम पर न केवल उत्तराखंड के लोगों की बल्कि पूरे देश के संगीत प्रेमियों और मीडिया की पैनी नजर बनी हुई है। आने वाले कुछ दिनों में यह साफ हो जाएगा कि रामशरण नौटियाल उत्तराखंड की राजनीति की इस बिसात पर अपनी अगली चाल क्या चलने वाले हैं।