हरिद्वार कांवड़ मेले में सुरक्षा का तगड़ा चक्रव्यूह, हरकी पैड़ी पर अचानक क्यों उतरीं सेना और BDS की टीमें?
हरिद्वार। श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही देवभूमि हरिद्वार में आस्था का सैलाब उमड़ने लगा है। देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शुमार कांवड़ मेला 2026 को पूरी तरह सुरक्षित और निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए उत्तराखंड पुलिस ने सुरक्षा का एक ऐसा अभेद्य किला तैयार किया है कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता। खुफिया इनपुट्स और भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए हरिद्वार के विश्व प्रसिद्ध हरकी पैड़ी घाट पर अचानक बम डिस्पोजल स्क्वाड (BDS) और अर्द्धसैनिक बलों की संयुक्त टीमों ने एक बड़ा और बेहद सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया है, जिससे पूरे मेला क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर आ गई हैं।
आधुनिक उपकरणों और डॉग स्क्वाड के साथ घाट-घाट की नाकेबंदी श्रद्धालुओं की भारी आमद और सुरक्षा संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा बलों ने हरकी पैड़ी परिसर को अपने घेरे में ले लिया है। चेकिंग अभियान के तहत बम निरोधक दस्ते (BDS) के जवान मेटल डिटेक्टर, स्निफर डॉग्स और अन्य आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ हरकी पैड़ी के मुख्य घाटों, पुलों, मालवीय द्वीप और आसपास के व्यस्त बाजार क्षेत्रों में पैनी नजर रख रहे हैं। लावारिस पड़ी वस्तुओं, संदिग्ध बैगों और घाटों के कोने-कोने की गहन तलाशी ली जा रही है ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि या वस्तु को तुरंत न्यूट्रलाइज किया जा सके।
आसमान से ड्रोन की नजर और चप्पे-चप्पे पर अर्धसैनिक बलों का कड़ा पहरा इस बार कांवड़ मेले की सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से बेहद हाईटेक बनाया गया है। हरकी पैड़ी और कांवड़ पटरियों की लाइव मॉनिटरिंग के लिए दर्जनों हाई-डेफिनिशन ड्रोन कैमरे हवा में तैनात किए गए हैं, जो भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा पर सीधे कंट्रोल रूम को इनपुट दे रहे हैं। इसके साथ ही, एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर अर्धसैनिक बलों (Paramilitary Forces) के हथियारों से लैस जवानों ने मोर्चा संभाल लिया है। किसी भी आपात स्थिति या दुर्घटना से निपटने के लिए गंगा की तेज लहरों के बीच जल पुलिस और SDRF के कुशल गोताखोरों की टीमें लगातार बोट्स के जरिए पेट्रोलिंग कर रही हैं।
कांवड़ यात्रा के इतिहास में पहली बार 'साइबर कमांडो' की एंट्री सुरक्षा व्यवस्था को जमीनी स्तर के साथ-साथ डिजिटल स्पेस में भी मजबूत करने के लिए इस साल एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। कांवड़ मेला 2026 की सुरक्षा में पहली बार केंद्रीय स्तर पर विशेष रूप से प्रशिक्षित 'साइबर कमांडो' को तैनात किया गया है। ये साइबर एक्सपर्ट्स सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, व्हाट्सएप ग्रुप्स और इंटरनेट पर फैलने वाली अफवाहों, भ्रामक संदेशों और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्टों पर 24 घंटे रियल-टाइम नजर रख रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने स्थानीय होटल, धर्मशालाओं और व्यापारियों को भी सख्त हिदायत दी है कि किसी भी अज्ञात या संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी तुरंत पुलिस से साझा करें।