अचानक फटा पहाड़, धंस गई सड़क! यमुनोत्री धाम की यात्रा पर बड़ा संकट

अचानक फटा पहाड़, धंस गई सड़क! यमुनोत्री धाम की यात्रा पर बड़ा संकट

उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने चारधाम यात्रा व्यवस्था की कमर तोड़ दी है। यमुनोत्री धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है। लगातार बारिश के चलते यमुनोत्री हाईवे सहित जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग पर राम मंदिर के पास यमुना नदी का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ गया।

नदी के तेज उफान के कारण करीब 25 से 30 मीटर लंबा पैदल रास्ता लगभग 2 से 2.5 मीटर तक नीचे धंस गया है। सड़क का बड़ा हिस्सा ढह जाने की वजह से फिलहाल इस मार्ग से यात्रियों का पैदल गुजरना बेहद खतरनाक हो गया है, जिसे देखते हुए आवाजाही रोक दी गई है।

राहत कार्य शुरू, युद्धस्तर पर वैकल्पिक पैदल मार्ग बनाने में जुटे मजदूर

घटना की गंभीरता को देखते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) बड़कोट तुरंत अलर्ट मोड पर आ गया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा प्रशासन की पहली प्राथमिकता है।

क्षतिग्रस्त हिस्से से जोखिम न लेते हुए श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही के लिए जल्द से जल्द एक वैकल्पिक पैदल मार्ग तैयार करने का फैसला लिया गया है। इसके लिए मौके पर बड़ी संख्या में मजदूरों और तकनीकी टीम को तैनात कर दिया गया है ताकि नए रास्ते का निर्माण कर यात्रा को पुनः सुरक्षित रूप से शुरू कराया जा सके।

यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग भी कई जगहों पर मलबे से पटा

पैदल मार्ग ही नहीं, बल्कि यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी बारिश और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। पालीगाड़, सिलाई बैण्ड, झझर गाड़, जंगलचट्टी, दुर्बिल और बढ़िया क्षेत्र समेत आधा दर्जन से अधिक संवेदनशील स्थानों पर पहाड़ों से भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े पत्थर गिरकर सड़क पर आ गए हैं। इससे राजमार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है और वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। लोनिवि और एनएच की टीमें बुलडोजर व जेसीबी मशीनों की मदद से लगातार मलबा हटाकर रास्ता खोलने में जुटी हुई हैं।

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