मां ही निकली बेटी की सौदागर! पैसों के लालच में रचा ऐसा खौफनाक षड्यंत्र, सच जानकर पुलिस भी रह गई दंग

मां ही निकली बेटी की सौदागर! पैसों के लालच में रचा ऐसा खौफनाक षड्यंत्र, सच जानकर पुलिस भी रह गई दंग

उत्तराखंड के देहरादून में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने मां-बेटी के पवित्र रिश्ते को झकझोर कर रख दिया है। राजपुर थाना क्षेत्र में 15 वर्षीय किशोरी के अपहरण की जांच के दौरान पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है।

जिस मां ने अपनी बेटी के अपहरण की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई थी, जांच में वही कथित तौर पर इस पूरे मामले की मुख्य साजिशकर्ता निकली। पुलिस के अनुसार, किशोरी को पैसों के लालच में बेचने के बाद मां ने खुद को बचाने के लिए अपहरण की झूठी कहानी तैयार की थी।

बेटी के अपहरण की दर्ज कराई थी शिकायत

मामले की शुरुआत पांच जुलाई को हुई, जब सहस्रधारा रोड निवासी महिला ने राजपुर थाने में अपनी 15 वर्षीय बेटी के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोबाल के निर्देश पर पुलिस की कई टीमें गठित की गईं। पुलिस ने सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से किशोरी की तलाश शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस को किशोरी की लोकेशन उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां दबिश देकर किशोरी को बरामद किया और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।

मुजफ्फरनगर से बरामद हुई किशोरी, दो आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में 37 वर्षीय मनीष निवासी जानसठ, मुजफ्फरनगर और 24 वर्षीय लवी कुमार निवासी फलावदा, मेरठ को गिरफ्तार किया।

पूछताछ में सामने आया कि किशोरी को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचाया गया था। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को पूरे मामले में कथित खरीद-फरोख्त की जानकारी मिली।

किशोरी का दो बार हुआ सौदा

पुलिस के अनुसार, लवी कुमार ने पूछताछ में बताया कि उसने पिंकी मलिक नाम की महिला के माध्यम से किशोरी को उसकी मां से खरीदा था। इसके बाद लवी ने किशोरी को मनीष को दो लाख रुपये में बेच दिया।

जांच के बाद पुलिस ने मुजफ्फरनगर निवासी पिंकी मलिक और किशोरी की मां को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मामले में सामने आए नए तथ्यों के आधार पर केस में संबंधित धाराएं भी जोड़ दी हैं।

पैसों के लालच में किया गया सौदा

पुलिस जांच में सामने आया कि किशोरी की मां की मुलाकात कुछ समय पहले देहरादून में एक कार्यक्रम के दौरान पिंकी मलिक से हुई थी।

आरोप है कि पैसों का लालच देकर पिंकी ने किशोरी की मां से संपर्क किया और करीब डेढ़ लाख रुपये में सौदा तय किया। इसके बाद पिंकी ने लवी के जरिए यह सौदा मनीष तक पहुंचाया।

पुलिस के मुताबिक, किशोरी की मां को कथित तौर पर 80 हजार रुपये मिल चुके थे। बाकी रकम नहीं मिलने और मामले के खुलने के डर से उसने बेटी के अपहरण की झूठी कहानी बनाकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की।

पुलिस ने चारों आरोपियों को भेजा जेल

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए किशोरी की मां समेत चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस पूरे घटनाक्रम में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

Latest Posts