प्रलय बनकर बरस रहा है आसमान; उत्तराखंड में अगले 7 दिनों तक इन जिलो में भयंकर बारिश का अलर्ट
पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में बादलों का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा है जहां मौसम विभाग ने आने वाले एक हफ्ते तक लगातार पानी बरसने की चेतावनी दी है। हालात की गंभीरता को भांपते हुए सूबे के मुखिया पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह चौकस रहने के कड़े आदेश दिए हैं।
सरकार की तरफ से एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों के अलावा सभी जिलाधिकारियों को किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। प्रशासन बार-बार लोगों से अपील कर रहा है कि वे पहाड़ों की इस खूबसूरत वादी में बेवजह घूमने से बचें और केवल बहुत जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें।
सात दिनों का भारी बारिश का अलर्ट और मौसम का मिजाज
मौसम विज्ञानियों के पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तराखंड के कई जिलों पर भारी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। बुधवार के दिन पिथौरागढ़ बागेश्वर और राजधानी देहरादून में मूसलाधार से भी ज्यादा भयंकर बारिश होने की आशंका जताई गई है।
इसके अलावा टिहरी पौड़ी चमोली उत्तरकाशी रुद्रप्रयाग नैनीताल चंपावत और ऊधमसिंह नगर में भी तेज पानी गिरने का ऑरेंज और येलो अलर्ट घोषित किया गया है। इन इलाकों में बादलों के गरजने के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।
भूस्खलन और उफनती नदियों ने बढ़ाई धड़कनें
लगातार हो रही इस बरसात की वजह से पहाड़ी रास्तों पर पत्थर गिरने और लैंडस्लाइड होने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। रुद्रप्रयाग जिले से डराने वाली खबर सामने आई है जहां प्रसिद्ध अलकनंदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान को छूने की स्थिति यानी चेतावनी स्तर तक पहुंच चुका है।
सुबह के वक्त अलकनंदा का पानी छह सौ छब्बीस मीटर दर्ज किया गया जबकि पास ही बहने वाली मंदाकिनी नदी भी उफान के करीब है। प्रशासन ने लाउडस्पीकर के जरिए चेतावनी जारी कर दी है कि कोई भी व्यक्ति नदी के किनारों के आसपास न भटके। उखीमठ और जखोली जैसे इलाकों में सबसे ज्यादा पानी बरसा है जिससे कई छोटे-बड़े रास्ते बंद हो गए हैं।
चारधाम यात्रियों और पर्यटकों के लिए सख्त हिदायत
चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं और दूर-दूर से घूमने आने वाले सैलानियों के लिए यह समय बेहद सावधानी बरतने का है। रास्तों के बंद होने और पहाड़ी से मलबा खिसकने के खतरे को देखते हुए यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे ताजा मौसम की जानकारी लेकर ही आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा है कि जनता की हिफाजत सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है इसलिए सभी लोग स्थानीय प्रशासन और पुलिस के बताए गए नियमों का पूरी निष्ठा से पालन करें।