2027 चुनाव से पहले ही कांग्रेस में जूतम-पैजार, पछुवादून की सीटों पर टिकट को लेकर सड़क पर आई अंतर्कलह
उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी बिसात अभी से बिछनी शुरू हो गई है। पछुवादून की दो प्रमुख सीटों—सहसपुर और विकासनगर—पर टिकट की दावेदारी को लेकर कांग्रेस के भीतर सियासी पारा चढ़ने लगा है। पार्टी संगठन को मजबूत करने और भाजपा सरकार को घेरने के मकसद से निकाली जा रही कांग्रेस न्याय यात्रा के शुभारंभ पर ही अंतर्कलह सड़क पर आ गई। सेलाकुई में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत और वरिष्ठ नेता आर्येंद्र शर्मा के समर्थकों के बीच तीखे मतभेद खुलकर सामने आ गए। हालात इतने बिगड़ गए कि चकराता विधायक प्रीतम सिंह को मंच से दखल देकर कार्यकर्ताओं को शांत कराना पड़ा और एकजुटता बनाए रखने की अपील करनी पड़ी।
सहसपुर के साथ-साथ विकासनगर विधानसभा सीट पर भी राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामशरण नौटियाल के हाल ही में कांग्रेस में शामिल होने के बाद से स्थानीय नेताओं के कान खड़े हो गए हैं। विकासनगर में नौटियाल के स्वागत समारोह से ठीक पहले वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री नवप्रभात की अचानक बुलाई गई प्रेसवार्ता और समारोह से कई कद्दावर नेताओं की दूरी ने गुटबाजी की अटकलों को हवा दे दी है। नवप्रभात ने साफ तौर पर प्रदेश नेतृत्व और पार्टी हाईकमान को सुझाव दिया है कि सीट पर कई दावेदारों के बीच भ्रम और टकराव बढ़ाने के बजाय पार्टी को समय रहते प्रत्याशी का ऐलान कर देना चाहिए, जिससे चुनावी तैयारियों को सही दिशा मिल सके।
इधर, सहसपुर से अपनी दावेदारी ठोकते हुए हरक सिंह रावत ने कहा कि उन्होंने पार्टी आलाकमान के सामने चुनाव लड़ने की इच्छा रखी है और वे क्षेत्र में मजबूती से जुटे हैं, हालांकि अंतिम फैसला हाईकमान का ही मान्य होगा। वहीं आर्येंद्र शर्मा ने गुटबाजी की बात को नकारते हुए इसे कार्यकर्ताओं का जोश बताया और कहा कि वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन मनभेद नहीं है। दूसरी ओर, पछुवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष संजय किशोर महेंद्रु ने पूरे विवाद को खारिज करते हुए कहा कि कार्यक्रमों में हुआ हंगामा महज कार्यकर्ताओं का उत्साह था। बहरहाल, न्याय यात्रा के जरिए जनता के बीच एकजुट चेहरा पेश करने की कोशिश कर रही कांग्रेस के लिए पछुवादून में संभावित दावेदारों के बीच समन्वय साधना आने वाले दिनों में एक बड़ी राजनीतिक चुनौती साबित होने वाला है।