'देवभूमि का अपमान बर्दाश्त नहीं!'- अखिलेश यादव पर गरजे पुष्कर सिंह धामी, बोले- कभी माफ नहीं करेगी जनता!

'देवभूमि का अपमान बर्दाश्त नहीं!'- अखिलेश यादव पर गरजे पुष्कर सिंह धामी, बोले- कभी माफ नहीं करेगी जनता!

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के एक कथित बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की राजनीति में भारी उबाल आ गया है। वायरल वीडियो क्लिप में सपा प्रमुख यह कहते नजर आ रहे हैं कि उत्तर प्रदेश में सबसे बड़े घुसपैठिये उत्तराखंड के ही लोग हैं। इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया यूजर्स के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में अखिलेश यादव के खिलाफ तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गई हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस टिप्पणी पर कड़ा ऐतराज जताते हुए सपा प्रमुख के विरुद्ध सीधा मोर्चा खोल दिया है।

चीफ मिनिस्टर पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया पर इस वीडियो क्लिप को साझा करते हुए अखिलेश यादव की टिप्पणी को देवभूमि के स्वाभिमान और जनभावनाओं पर सीधा हमला करार दिया। धामी ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि वीरभूमि भी है, जिसने देश की रक्षा के लिए अनगिनत जांबाज सैनिक, महान संत और समर्पित राष्ट्रभक्त दिए हैं। 

ऐसे पावन राज्य के निवासियों को 'घुसपैठिया' कहना राज्य निर्माण के लिए प्राण न्योछावर करने वाले आंदोलनकारियों और यहां की जनता के संघर्षों का घोर अपमान है।

सपा सुप्रीमो को अतीत का आईना दिखाते हुए सीएम धामी ने उनके पिता मुलायम सिंह यादव के मुख्यमंत्रित्व काल की दुखद घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता आज तक मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा कांड को नहीं भूली है, जब पृथक राज्य की मांग कर रहे निहत्थे आंदोलनकारियों पर मुलायम सरकार के दौर में गोलियां चलवाई गई थीं। धामी ने तंज कसते हुए कहा कि पिता के दौर में उत्तराखंड के लोगों पर गोलियां बरसाई गईं और अब उनके बेटे उन्हें घुसपैठिया बता रहे हैं, जिसे देवभूमि की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।

इस सियासी विवाद में सीएम धामी ने विपक्षी गठबंधन में शामिल कांग्रेस को भी लपेटे में ले लिया। उन्होंने कांग्रेस आलाकमान से सवाल दागते हुए पूछा कि क्या वह अपने गठबंधन सहयोगी अखिलेश यादव के इस अपमानजनक बयान से सहमत है? धामी ने कहा कि कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह उत्तराखंड के निवासियों को घुसपैठिया मानती है और इस पर देवभूमि की जनता के सामने अपना रुख साफ करे।