राजस्थान पंचायत चुनाव में खूनी संघर्ष: लाठी-डंडों से खूनी भिड़ंत, मतदान केंद्र के बाहर धुआंधार पथराव
राजस्थान के 16 शहरों में त्रिस्तरीय पंचायत इलेक्शन के तहत पंच और सरपंच पद के पहले चरण का मतदान शनिवार को संपन्न हो गया। लोकतंत्र के इस महापर्व में ग्रामीण वोटरों ने गजब का उत्साह दिखाया, जिसके चलते शाम 6 बजे तक कुल 80.09 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। चुनावी आंकड़ों में पश्चिमी राजस्थान का सीमावर्ती जिला बाड़मेर सबसे आगे रहा, जहां की सेड़वा पंचायत समिति में रिकॉर्ड 93.03 प्रतिशत वोटिंग हुई। इसके उलट सिरोही जिले की कालिंद्री पंचायत समिति में सबसे कम 57.35 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। हालांकि, मतदान के दौरान कई इलाकों से छिटपुट हिंसा, विवाद और हंगामे की खबरें भी सामने आईं, जिससे सुरक्षाबलों को खासी मशक्कत करनी पड़ी।
जयपुर ग्रामीण के चौमूं स्थित मोरीजा ग्राम पंचायत में फर्जी मतदान और वोट चोरी के आरोपों को लेकर माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। तहसीलदार डॉ. विजयपाल विश्नोई के अनुसार, एक पोलिंग एजेंट द्वारा मतपेटी बदले जाने की अफवाह फैलाए जाने के बाद सैकड़ों ग्रामीण पोलिंग बूथ के बाहर जमा हो गए और सामोद थाना पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। भीड़ को तितर-बितर करने और कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज करना पड़ा। इस मामले में पुलिस ने उपद्रव करने वाले 8 लोगों को हिरासत में लिया है। वहीं चौमूं उपखंड के ही हाथनौदा गांव में पोलिंग पार्टी पर मतपत्रों में हेरफेर का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने मतदान केंद्र के बाहर धरना दिया; यहां विवाद तब भड़का जब चुनाव कर्मियों के लिए खाना लेकर आई एक निजी कार को केंद्र के भीतर जाने दिया गया।
इसके अलावा जयपुर के मौजमाबाद में चुनावी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष छिड़ गया, जहां दोनों तरफ से जमकर लाठी-डंडे चले और कई लोग चोटिल हुए। उधर बीकानेर जिले की रिडमलसर पुरोहितान ग्राम पंचायत स्थित देवीकुंड सागर मतदान केंद्र पर मतदान समाप्त होने के अंतिम पलों में भारी भीड़ जुट गई और स्थिति अनियंत्रित होने लगी। हालात बिगड़ते देख मौके पर तैनात पुलिस बल ने त्वरित लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ते हुए मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्वक संपन्न कराई।