यूपी 2027 चुनाव से पहले सपा का एकतरफा दांव: सीट शेयरिंग फाइनल होने का दावा, कांग्रेस खेमे में मची खलबली!
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की सियासी बिसात पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर गहमागहमी तेज हो गई है। सपा सांसद रामाशंकर राजभर ने बड़ा सियासी धमाका करते हुए दावा किया है कि पार्टी ने सीटों के बंटवारे का फॉर्मूला पूरी तरह अंतिम रूप दे दिया है और इसका औपचारिक ऐलान बहुत जल्द किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने खुलासा किया कि समाजवादी पार्टी 26 नवंबर को आगामी चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र भी जनता के सामने रखेगी। हालांकि राजभर ने गठबंधन के दलों को मिलने वाली सीटों की सटीक संख्या का खुलासा नहीं किया, लेकिन उनके इस एकतरफा बयान ने कांग्रेस खेमे के साथ-साथ यूपी के सियासी गलियारों में नई हलचल पैदा कर दी है।
सपा सांसद का यह बयान कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम के उस बयान के ठीक तीन दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने सीट बंटवारे के लिए एक संयुक्त समिति गठित करने की बात कही थी। लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस प्रभारी ने साफ किया था कि 2027 के चुनाव के लिए इंडिया ब्लॉक के तहत औपचारिक बातचीत का दौर शुरू हो चुका है और कांग्रेस ने जनता के बीच बढ़ते भरोसे, संगठनात्मक मजबूती और राहुल गांधी के प्रभाव को आधार बनाकर अपनी पसंदीदा सीटों की ठोस सूची सपा के सामने रखी है। कांग्रेस नेता ने 2024 के लोकसभा चुनावों में गठबंधन को मिली 43 सीटों की बड़ी कामयाबी का हवाला देते हुए भरोसा जताया था कि बातचीत के जरिए दोनों दलों के बीच एक सम्मानजनक समझौता तय होगा।
सीट शेयरिंग को लेकर दोनों सहयोगियों के बयानों में दिख रहा यह अंतर अब राजनीतिक विश्लेषकों के बीच चर्चा का केंद्र बन चुका है। जहां एक तरफ समाजवादी पार्टी फॉर्मूला तय मानकर 26 नवंबर को घोषणापत्र जारी करने की जल्दबाजी में दिख रही है, वहीं कांग्रेस नेतृत्व समिति के जरिए विस्तृत मंथन के बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचने की बात कह रहा है। आधिकारिक तौर पर अभी तक दोनों में से किसी भी दल ने सीटों की तय संख्या सार्वजनिक नहीं की है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या अखिलेश यादव की सपा कांग्रेस की शर्तों पर राजी होगी या फिर 2027 के महासमर से पहले सीटों की रस्साकशी गठबंधन के भीतर कोई नया सियासी पेंच फंसाएगी।