Uttarakhand Rain Alert: उत्तराखंड में मानसून का 'रौद्र रूप'! 7 से 9 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट, प्रशासन सतर्क

Uttarakhand Rain Alert: उत्तराखंड में मानसून का 'रौद्र रूप'! 7 से 9 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट, प्रशासन सतर्क

देवभूमि उत्तराखंड में एक बार फिर मानसून ने अपना खतरनाक और रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, राज्य के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक बादलों का तांडव देखने को मिल सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र ने 7 से 9 अगस्त तक राज्य के कई हिस्सों में मूसलाधार से अति भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही बारिश के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है, जिसे देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र पूरी तरह से सतर्क मोड पर आ गए हैं।

इन जिलों पर मंडरा रहा है सबसे बड़ा खतरा

मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, कुमाऊं और गढ़वाल मंडल के कई पर्वतीय जिलों में भारी बारिश आफत बन सकती है। विशेष तौर पर नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पौड़ी गढ़वाल में बादलों के गरजने के साथ मूसलाधार बारिश होने की पूरी संभावना है। लगातार तीन दिनों तक चलने वाले इस खराब मौसम के दौर को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को अत्यधिक सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन (Landslide) का खतरा सबसे ज्यादा बना हुआ है।

भूस्खलन और उफनते नालों से बढ़ी मुश्किलें

भारी बारिश के चलते पहाड़ों पर स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। जगह-जगह पहाड़ी दरकने से मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) और कई लिंक रोड बंद हो गए हैं, जिससे चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, लगातार बारिश से नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में जलभराव का खतरा पैदा हो गया है। मौसम विभाग ने यात्रियों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा करने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।

प्रशासन मुस्तैद, एसडीआरएफ और पुलिस अलर्ट

कुदरत के इस तांडव से निपटने के लिए राज्य सरकार और जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो गए हैं। सभी जिलों के जिलाधिकारियों को आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष (Control Room) को 24 घंटे सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ (SDRF), एनडीआरएफ (NDRF) और पुलिस बल को संवेदनशील और हाई-रिस्क जोन में तैनात कर दिया गया है ताकि समय रहते राहत और बचाव कार्य चलाया जा सके।

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