रातों-रात बिछ गईं 30 लाशें! आधी रात को सो रहे गांव पर हमलावरों का बर्बर कहर, मंजर देख कांप उठेगी रूह
नाइजीरिया के उत्तर-पश्चिमी इलाके से एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। कडुना राज्य के एक गांव में रविवार देर रात हथियारबंद हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग कर कम से कम 30 बेगुनाह लोगों को मौत के घाट उतार दिया।
इस बर्बर हमले में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत और मातम का माहौल है। चौंकाने वाली बात यह है कि इसी गांव को पिछले साल भी इसी समय निशाना बनाया गया था, जिससे स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
कडुना के नारिडोन गांव में मौत का तांडव
स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, नाइजीरिया के कडुना राज्य के काउरा काउंसिल क्षेत्र में स्थित नारिडोन गांव इस खूनी खेल का गवाह बना। रविवार की रात जब लोग अपने घरों में सो रहे थे, तभी अचानक बंदूकधारियों ने पूरे गांव पर धावा बोल दिया। सदर्न कडुना पीस एंड सिक्योरिटी नेटवर्क के अध्यक्ष डेरेक क्रिस्टोफर ने इस भयानक नरसंहार की पुष्टि करते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने बताया कि सरकार आम नागरिकों को सुरक्षा देने में पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है। उनके मुताबिक, ठीक एक साल पहले भी इसी गांव में ऐसा ही जानलेवा हमला हुआ था, लेकिन प्रशासन ने उससे कोई सबक नहीं लिया और सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए।
घायलों का चल रहा इलाज, अंतिम संस्कार की तैयारी
हमले के बाद नारिडोन गांव की स्थिति बेहद तनावपूर्ण और हृदयविदारक है। राहत और बचाव कार्य में मदद कर रहे स्थानीय निवासी राफेल जोशुआ ने बताया कि हमले में जान गंवाने वाले 30 लोगों के शवों को पास के अस्पताल पहुंचा दिया गया है और अब उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां की जा रही हैं। वहीं, इस हमले में गंभीर रूप से घायल हुए दर्जनों लोगों का स्थानीय अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इस खौफनाक वारदात ने कई परिवारों को हमेशा के लिए उजाड़ दिया है और जो लोग बच गए हैं, वे अब अपने भविष्य को लेकर खौफ के साये में जीने को मजबूर हैं।
आखिर कौन है इस खौफनाक हमले के पीछे?
स बड़े नरसंहार के तुरंत बाद किसी भी उग्रवादी या आतंकी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, जिससे हमलावरों की सटीक पहचान अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। हालांकि, पुलिस और सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि नाइजीरिया के उत्तर-पश्चिमी और उत्तर-मध्य क्षेत्रों में सक्रिय हथियारबंद गिरोहों (जिन्हें आम बोलचाल में 'बैंडिट' कहा जाता है) का इसके पीछे हाथ हो सकता है। अधिकारियों के अनुसार, इन गिरोहों में मुख्य रूप से ऐसे पूर्व पशुपालक शामिल हैं, जिनका संसाधनों और जमीनों को लेकर किसानों के साथ लंबे समय से खूनी संघर्ष चल रहा है। यही गुट अक्सर फिरौती के लिए अपहरण और जनसंहार जैसी वारदातों को अंजाम देते हैं।