ट्रंप की सीधी चेतावनी के बाद ईरान पर अमेरिका का भीषण हवाई हमला, हिल गए कई शहर, नाकाबंदी फिर लागू

ट्रंप की सीधी चेतावनी के बाद ईरान पर अमेरिका का भीषण हवाई हमला, हिल गए कई शहर, नाकाबंदी फिर लागू

मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनी के ठीक बाद, अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर विनाशकारी हवाई हमलों की एक और नई लहर शुरू कर दी है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, यह बुधवार को की गई सैन्य कार्रवाई का दूसरा चरण है। इस ताजा हमले का मुख्य उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक और नौसैनिक जहाजों के लिए खतरा बनी ईरानी सैन्य क्षमताओं को पूरी तरह नष्ट करना है।

कमांडर इन चीफ के निर्देश पर दोपहर 3 बजे बरसी तबाही

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए इस बड़े हमले की पुष्टि की। सेंटकॉम ने बताया कि अमेरिकी कमांडर इन चीफ (राष्ट्रपति ट्रंप) के सीधे निर्देश पर पूर्वी समयानुसार दोपहर 3 बजे ईरान के खिलाफ हमलों की दूसरी लहर शुरू की गई।

सेंटकॉम ने अपनी पोस्ट में साफ शब्दों में कहा, "ये हमले ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को निशाना बना रहे हैं, जिनका इस्तेमाल वैश्विक व्यापार के लिए जीवनरेखा माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य से स्वतंत्र रूप से गुजरने वाले जहाजों को धमकाने के लिए किया जाता है। अमेरिकी सेना ईरान को उसकी हरकतों के लिए जवाबदेह ठहरा रही है।"

अहवाज़ और चाबहार शहरों में गूंजे जोरदार धमाके, 7 सैनिकों की मौत की खबर

अमेरिकी वायुसेना के इस कड़े एक्शन के बाद ईरानी मीडिया ने देश के प्रमुख दक्षिणी शहरों अहवाज़ और चाबहार में भारी विस्फोटों की जानकारी दी है। हालांकि, अभी यह आधिकारिक तौर पर स्पष्ट नहीं किया गया है कि ये सभी धमाके सीधे अमेरिकी बमबारी से हुए हैं या ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम के एक्टिव होने से। दूसरी तरफ, ईरानी अधिकारियों के हवाले से खबर है कि अमेरिका के इस ताजा हमले में ईरानी सेना की एक बैरक को निशाना बनाया गया, जिसमें कम से कम सात सैनिकों की मौत हो गई है और देश भर में सैकड़ों लोग घायल हुए हैं।

90 मिनट तक चला पहला ऑपरेशन, तबाह किए मिसाइल ठिकाने

आपको बता दें कि इस दूसरी लहर से ठीक पहले, बुधवार को ही पूर्वी समयानुसार सुबह 7:30 बजे अमेरिका ने हमलों का पहला दौर पूरा किया था। सेंटकॉम के अनुसार, अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ग्रेटर टुनब द्वीप पर ईरानी तटीय रक्षा प्रणालियों, क्रूज मिसाइल भंडारण (स्टोरेज) और उनके लॉन्चिंग पैड्स पर सटीक निशाना साधते हुए पूरे 90 मिनट तक ऑपरेशन चलाया था। सेना का दावा है कि इन हमलों से होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर हमला करने की ईरान की क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है।

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