बाप के नक्शेकदम पर बेटा! लूला दा सिल्वा से करारी हार के बाद आखिर क्यों फ्लोरिडा भागे फ्लावियो बोल्सोनारो?

बाप के नक्शेकदम पर बेटा! लूला दा सिल्वा से करारी हार के बाद आखिर क्यों फ्लोरिडा भागे फ्लावियो बोल्सोनारो?

ब्राजील के सियासी रण में एक बार फिर लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा का परचम लहराया है। 80 वर्ष की उम्र में लूला ने देश के राष्ट्रपति चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए चौथी बार शीर्ष पद की कमान संभाल ली है। 25 अक्टूबर 2026 को संपन्न हुए दूसरे चरण के कांटे की टक्कर वाले मतदान में लूला को 51.79 फीसदी वोट मिले, जबकि उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी फ्लावियो बोल्सोनारो 48.21 फीसदी मतों पर सिमट गए। करीब 44 लाख वोटों के भारी अंतर से मिली इस शिकस्त के बाद ब्राजील के सियासी गलियारों में भारी उथल-पुथल मच गई है।

चुनावी नतीजों के तुरंत बाद 45 वर्षीय सीनेटर फ्लावियो बोल्सोनारो ने लूला के हाथों अपनी पराजय स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया और अप्रत्याशित रूप से अपने परिवार के साथ ब्राजील छोड़ दिया। उड़ान संबंधी आंकड़ों और अर्जेंटीना के अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, बोल्सोनारो अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ ब्राजील से निकलकर पहले अर्जेंटीना और फिर इक्वाडोर होते हुए बुधवार को सीधे अमेरिका के मियामी पहुंच गए। डोनाल्ड ट्रंप के करीबी माने जाने वाले फ्लावियो ने इसी साल मई में व्हाइट हाउस का दौरा भी किया था, जिसके बाद हाल ही में ट्रंप प्रशासन ने उन्हें और उनके परिवार को अमेरिकी वीजा की हरी झंडी दी थी। गौरतलब है कि ठीक इसी तरह साल 2022 में उनके पिता जायर बोल्सोनारो भी लूला से मात खाने के बाद फ्लोरिडा चले गए थे।

देश छोड़ने की यह घटना इसलिए भी विवादों में घिर गई है क्योंकि फ्लावियो बोल्सोनारो इस समय ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट की कड़ी जांच का सामना कर रहे हैं। उन पर भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी के गंभीर आरोप दर्ज हैं। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें मंगलवार दोपहर तक अपने सामान्य और राजनयिक पासपोर्ट जमा कराने की सख्त हिदायत दी थी। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हुआ कि उन्होंने पासपोर्ट सौंपा या नहीं, लेकिन उनके करीबियों का कहना है कि उनके पास इटली का पासपोर्ट भी मौजूद है, जिसके सहारे उनके अंतरराष्ट्रीय सफर पर कोई रोक नहीं लग सकी।