कराची में फिर गैंगवार की आहट, कुख्यात डॉन उजैर बलूच के भाई को गोलियों से भूना

कराची में फिर गैंगवार की आहट, कुख्यात डॉन उजैर बलूच के भाई को गोलियों से भूना

पाकिस्तान के कराची शहर का कुख्यात लयारी इलाका एक बार फिर गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा है। जेल की हवा खा रहे अंडरवर्ल्ड डॉन और पाकिस्तानी गैंगस्टर उजैर बलूच के भाई जुबैर बलूच पर जानलेवा हमला हुआ है।

गुरुवार शाम सिंगू लेन स्थित उनके घर के बाहर बेखौफ हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस अंधाधुंध फायरिंग में मौके पर मौजूद दो आम नागरिक भी घायल हुए हैं।

कैसे हुआ यह जानलेवा हमला?

स्थानीय मीडिया और पाकिस्तान के प्रमुख अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, 40 वर्षीय जुबैर बलूच अपने घर के बाहर बैठे हुए थे। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए दो नकाबपोश हमलावरों ने उन पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। जुबैर के सीने और पेट में गोलियां लगी हैं। गनीमत यह रही कि पास ही मौजूद एक दुकानदार ने हिम्मत दिखाते हुए अपनी बंदूक से जवाबी फायरिंग कर दी, जिससे घबराकर हमलावर मौके से फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल जुबैर को तुरंत कराची के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

क्या कराची में फिर भड़केगा गैंगवार?

इस दुस्साहसिक हमले के बाद लयारी में फिर से खूनी गैंगवार शुरू होने की आशंकाएं तेज हो गई हैं। दक्षिण पाकिस्तान के डीआईजी सैयद असद रजा ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा एजेंसियों ने इस मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। एक सामाजिक कार्यकर्ता के हवाले से यह बात भी सामने आई है कि जुबैर हाल ही में एक राजनीतिक दल का हिस्सा बने थे, इसलिए पुलिस राजनीतिक रंजिश के एंगल से भी जांच कर रही है। सूत्रों की मानें तो अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण, दुबई और ईरान में छिपे कई कुख्यात गैंगस्टर अब वापस लयारी लौट रहे हैं, जो इस इलाके की शांति के लिए बड़ा खतरा बन गया है।

कौन है अंडरवर्ल्ड डॉन उजैर बलूच?

जुबैर का भाई उजैर बलूच पाकिस्तान के सबसे खतरनाक गैंगस्टरों में से एक है। 2009 में जब कुख्यात रहमान दकैत पुलिस एनकाउंटर में मारा गया, तब उजैर ने ही प्रतिबंधित 'पीपुल्स अमन कमेटी' (PAC) की कमान संभाली और लयारी के अंडरवर्ल्ड का बेताज बादशाह बन गया। हत्या, जबरन वसूली, हथियारों की तस्करी और पुलिस पर हमले समेत 100 से ज्यादा खौफनाक मामले उजैर के खिलाफ दर्ज हैं।

पाकिस्तानी रेंजर्स ने जनवरी 2016 में कराची में घुसपैठ करते वक्त उजैर को गिरफ्तार किया था। इसके बाद अप्रैल 2020 में, विदेशी खुफिया एजेंसियों के लिए जासूसी करने के गंभीर आरोप में पाकिस्तानी अदालत ने इस डॉन को 12 साल की कड़ी कैद की सजा सुनाई थी।

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