गेमिंग की लत का खौफनाक अंजाम! 18 साल के लड़के ने एक साथ निगली 18 गोलियां, बाप ने दिग्गज कंपनियों पर ठोका मुकदमा

गेमिंग की लत का खौफनाक अंजाम! 18 साल के लड़के ने एक साथ निगली 18 गोलियां, बाप ने दिग्गज कंपनियों पर ठोका मुकदमा

चीन के हेनान प्रांत में गेमिंग की लत से जुड़ा एक मामला व्यापक चर्चा का विषय बन गया है। एक 18 वर्षीय युवक द्वारा कथित तौर पर 18 बुखार की गोलियां निगलने के बाद उसके पिता ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है।

युवक की समय पर अस्पताल में चिकित्सा होने से जान बच गई, लेकिन उसने अब तक यह नहीं बताया कि उसने इतनी अधिक गोलियां क्यों खाईं। इस घटना के बाद पिता ने बेटे की जीवनशैली और गेमिंग गतिविधियों की जांच की, जिससे उन्हें लगा कि लंबे समय से चली आ रही गेमिंग की लत उसकी मानसिक और शारीरिक स्थिति पर गंभीर असर डाल रही थी।

रात-रात भर गेमिंग, 10 किलो घट गया वजन

पिता के अनुसार, उनका बेटा सप्ताहांत और छुट्टियों में घंटों मोबाइल पर गेम खेलता था। वह अक्सर रात तीन-चार बजे तक जागता और दिन में देर तक सोता था। खराब दिनचर्या के कारण कुछ महीनों में उसका लगभग 10 किलोग्राम वजन भी कम हो गया। गेमिंग रिकॉर्ड की जांच में पता चला कि मार्च 2024 से उसने लगभग 1,868 घंटे ऑनलाइन गेम खेले थे, जो औसतन प्रतिदिन दो घंटे से अधिक बैठता है। छुट्टियों के दौरान यह समय और भी बढ़ जाता था।

जांच में यह भी सामने आया कि युवक ने अपनी बड़ी बहन की पहचान का उपयोग कर गेमिंग अकाउंट बनाया था। चीन में नाबालिगों के लिए ऑनलाइन गेम खेलने के सख्त नियम हैं, जिनके तहत सीमित समय ही खेलने की अनुमति है। पिता का आरोप है कि गेमिंग कंपनियों के पास फेस रिकग्निशन जैसी तकनीक होने के बावजूद पहचान सत्यापन प्रभावी ढंग से नहीं किया गया, जिससे उनका बेटा नियमों को आसानी से दरकिनार कर सका।

इसी आधार पर उन्होंने Tencent, NetEase, miHoYo और 37 Interactive Entertainment के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। उन्होंने केवल 10 युआन (लगभग 1.5 अमेरिकी डॉलर) का सांकेतिक मुआवजा मांगा है। उनका कहना है कि उनका उद्देश्य आर्थिक लाभ नहीं, बल्कि कंपनियों को बच्चों और किशोरों की सुरक्षा के प्रति अधिक जिम्मेदार बनाना है। उन्होंने अदालत से एंटी-एडिक्शन सिस्टम को मजबूत करने और पहचान सत्यापन की प्रक्रिया को सख्त बनाने की मांग की है।

हालांकि, मामले की पहली सुनवाई फिलहाल स्थगित कर दी गई है क्योंकि कंपनियों ने अदालत के अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाया है। इस घटना के बाद चीन में सोशल मीडिया पर बड़ी बहस छिड़ गई है। कुछ लोग गेमिंग कंपनियों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, जबकि अन्य का मानना है कि बच्चों के स्क्रीन टाइम और ऑनलाइन गतिविधियों की निगरानी करना माता-पिता की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। यह मामला डिजिटल युग में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा और गेमिंग उद्योग की जवाबदेही पर नए सवाल खड़े करता है।

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