2 जुलाई को मिली आजादी, तो 4 जुलाई को क्यों मनाता है अमेरिका स्वतंत्रता दिवस? जानिए इसके पीछे का दिलचस्प इतिहास

2 जुलाई को मिली आजादी, तो 4 जुलाई को क्यों मनाता है अमेरिका स्वतंत्रता दिवस? जानिए इसके पीछे का दिलचस्प इतिहास

हर साल 4 जुलाई को अमेरिका में उत्सव जैसा माहौल दिखाई देता है। पूरे देश में छुट्टी रहती है। लोग परेड देखते हैं। आतिशबाजी का आनंद लेते हैं और अपने देश की आजादी का जश्न मनाते हैं। मगर इतिहास की एक दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका की आजादी से जुड़ा सबसे अहम फैसला 2 जुलाई 1776 को लिया गया था। फिर भी पूरी दुनिया 4 जुलाई को ही अमेरिकी स्वतंत्रता दिवस के रूप में जानती है। इसकी वजह इतिहास में दर्ज एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है।

2 जुलाई को लिया गया था आजादी का फैसला

18वीं सदी में अमेरिका के 13 ब्रिटिश उपनिवेश ब्रिटेन के शासन से आजाद होना चाहते थे। इसी उद्देश्य से 2 जुलाई 1776 को प्रतिनिधियों ने मतदान किया। इस मतदान में सभी ने ब्रिटेन से अलग होने के प्रस्ताव का समर्थन किया। इस फैसले के बाद उपनिवेशों ने खुद को ब्रिटिश शासन से स्वतंत्र मान लिया। हालांकि उस समय तक इस निर्णय को लिखित और आधिकारिक रूप नहीं मिला था।

दो दिन बाद तैयार हुआ आधिकारिक रिकॉर्ड

वोटिंग के बाद आजादी की घोषणा का विस्तृत दस्तावेज तैयार किया गया। इसे थॉमस जेफरसन और अन्य संस्थापक नेताओं ने मिलकर लिखा। महाद्वीपीय कांग्रेस ने दस्तावेज की समीक्षा की और 4 जुलाई 1776 को इसे आधिकारिक मंजूरी दे दी। यही वह दस्तावेज था जिसे बाद में जनता के सामने जारी किया गया और जिस पर 4 जुलाई की तारीख दर्ज थी।

4 जुलाई कैसे बन गई पहचान

जब स्वतंत्रता घोषणा पत्र प्रकाशित हुआ तो उसके शीर्ष पर 4 जुलाई 1776 लिखा था। यही तारीख लोगों के बीच सबसे ज्यादा प्रसिद्ध हुई। धीरे-धीरे 4 जुलाई अमेरिकी आजादी का प्रतीक बन गई जबकि 2 जुलाई का ऐतिहासिक फैसला पीछे छूट गया। इसी कारण हर साल स्वतंत्रता दिवस 4 जुलाई को मनाया जाता है।