अमेरिका-ईरान जंग की चपेट में आए भारतीय; अब तक कितने देश वासियों की जान गई, सरकार ने जारी किए आंकड़े

अमेरिका-ईरान जंग की चपेट में आए भारतीय; अब तक कितने देश वासियों की जान गई, सरकार ने जारी किए आंकड़े

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे भू-राजनीतिक टकराव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत विफल होने के बाद लगातार एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों पर भीषण हमले किए जा रहे हैं।

इस युद्ध की आंच अब भारतीयों तक भी पहुंच गई है। केंद्र सरकार ने हाल ही में राज्यसभा में एक रिपोर्ट पेश करते हुए बताया कि मिडिल ईस्ट के इस टकराव में जान गंवाने और घायल होने वाले भारतीय नागरिकों की स्थिति क्या है।

राज्यसभा में सरकार का बड़ा खुलासा

सीपीआई (एम) सांसद जॉन ब्रिटास ने राज्यसभा में मध्य पूर्व (Middle East) के हालात और वहां फंसे या हताहत हुए भारतीय नागरिकों और नाविकों को लेकर अहम सवाल उठाया था। इसके जवाब में विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने संसद को सूचित किया कि अमेरिका-ईरान टकराव शुरू होने के बाद से इस संवेदनशील इलाके में अब तक 16 भारतीयों की दुखद मौत हो चुकी है, जिनमें 10 भारतीय नाविक भी शामिल हैं। इसके अलावा 75 अन्य भारतीय नागरिक विभिन्न घटनाओं में घायल हुए हैं।

किस देश में कितने भारतीय हुए हताहत?

सरकार द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस पूरे रीजन में भारतीयों की मौतों का आंकड़ा इस प्रकार है: ओमान में 8, यूएई (UAE) में 4, कुवैत में 2, जबकि इराक और सऊदी अरब में 1-1 भारतीय नागरिक की जान गई है।

वहीं, घायलों की बात करें तो संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में 32, ओमान में 24, कुवैत में 13, कतर में 4 और सऊदी अरब व इज़राइल में 1-1 भारतीय घायल हुए हैं। इन सभी घायल भारतीयों का इलाज संबंधित देशों के स्थानीय अस्पतालों में कराया जा रहा है।

कतर के गैस प्रोजेक्ट में अलग हादसा

संसद में एक अन्य दर्दनाक घटना का भी जिक्र किया गया। विदेश राज्य मंत्री ने बताया कि कतर में चल रहे 'रास लाफ़ान गैस प्रोजेक्ट' (Ras Laffan Gas Project) में एक अलग हादसे के दौरान 12 अन्य भारतीयों की मौत हो गई है। भारत सरकार इन सभी मामलों में संबंधित देशों के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है, ताकि मृतकों के शवों को जल्द से जल्द उनके परिवारों तक भारत पहुंचाया जा सके।

पीड़ित परिवारों को 10 लाख रुपये का मुआवजा

सरकार की ओर से पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद मुहैया कराई जा रही है। टकराव वाले इलाकों में जान गंवाने वाले नाविकों के परिवारों को डीजी शिपिंग वेलफेयर स्कीम (सीफेयर्स वेलफेयर फंड सोसाइटी - SWFS) के तहत 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जरूरी कागजी जांच और पुष्टि के तुरंत बाद यह आर्थिक सहायता प्रभावित परिवारों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी जाती है। भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासन की मदद से परिवारों को सुरक्षित यात्रा और अन्य विकल्प भी बताए जा रहे हैं।

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