होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का बड़ा दांव! ओमान के साथ गुप्त समझौते से अमेरिका के उड़े होश
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान और ओमान ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों के सुरक्षित पारगमन के लिए एक अहम समझौते की रूपरेखा तैयार कर ली है।
हालांकि तेहरान ने स्पष्ट किया है कि इस मार्ग को पूरी तरह से फिर से खोलना "कुछ पक्षों" यानी मुख्य रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका के रुख पर निर्भर करेगा। अमेरिका का कड़ा रुख है कि यह रणनीतिक जलमार्ग बिना किसी प्रतिबंध के सभी व्यापारिक जहाजों के लिए खुला रहना चाहिए।
ओमान के साथ मसौदा समझौता और ईरान का नियंत्रण
बीते 28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य व्यावहारिक रूप से ईरान के नियंत्रण में आ गया था। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई के अनुसार, ओमान के साथ एक मसौदा समझौते पर हस्ताक्षर होने के अंतिम चरण में हैं। दोनों देशों ने प्रस्तावित मार्ग के भौगोलिक निर्देशांकों (geographic coordinates) पर सहमति बना ली है और यदि कोई तीसरा पक्ष इसमें बाधा नहीं डालता है, तो जल्द ही एक संयुक्त बयान जारी किया जाएगा। दूसरी ओर, अमेरिका का कहना है कि इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को दोबारा खोलने के लिए समझौता अब बेहद 'निकट' है।
वैश्विक तेल बाजार और होर्मुज जलडमरूमध्य का सामरिक महत्व
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) का लगभग पांचवां हिस्सा इसी तंग जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला के संतुलन के लिए रीढ़ की हड्डी माना जाता है। करीब पांच महीने पहले शुरू हुए युद्ध के कारण तेल की कीमतों में लगातार उछाल आया है, जिससे अमेरिका पर अपने सैन्य अभियानों को समेटने का दबाव बढ़ रहा है। एसोसिएटेड प्रेस (AP) की रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 80 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर स्थिर बनी हुई है, जो संघर्ष के दौरान बढ़ी कीमतों की तुलना में कुछ कम है।
समझौते की शर्तें और सर्वोच्च नेता की मंजूरी की दरकार
क्षेत्रीय अधिकारियों के मुताबिक, ओमान के साथ हुए इस मसौदा समझौते को अभी ईरान के सर्वोच्च नेता की अंतिम स्वीकृति मिलना बाकी है। इस संभावित समझौते के तहत यह योजना है कि मालवाहक जहाज ईरान के नियंत्रण वाले मार्ग से फारस की खाड़ी में प्रवेश करेंगे और ओमान के नियंत्रण वाले रास्ते से बाहर निकलेंगे। साथ ही, समुद्री पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षा व्यवस्था के एवज में शुल्क (service fee) वसूले जाने का प्रस्ताव है। हालांकि, अमेरिका ने साफ कर दिया है कि ईरान द्वारा किसी भी तरह का शुल्क लिया जाना समझौते की भावना के खिलाफ है।
क्या इस समझौते से थमेगा संघर्ष और शुरू होगी परमाणु वार्ता?
विश्लेषकों का मानना है कि यह संभावित समझौता ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने के साथ-साथ तेहरान के विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम पर रुकी हुई बातचीत को दोबारा शुरू करने का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। हालांकि, जून में दोनों देशों के बीच हुआ एक पिछला समझौता आपसी हमलों के चलते टूट चुका है, जिसके कारण इस बार भी अमेरिका और ईरान के बीच शुल्क और सुरक्षा नियंत्रण को लेकर खींचतान जारी रहने की पूरी आशंका है।