होर्मुज पर ईरान का बड़ा कब्जा, अब हर जहाज से वसूलेगा तगड़ा टैक्स; इन देशों को मिलेगी छूट
वैश्विक ऊर्जा और व्यापार जगत से जुड़ी एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। ईरान अब दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण और रणनीतिक समुद्री तेल मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले सभी व्यावसायिक जहाजों और तेल टैंकरों पर एक नया 'सेवा शुल्क' लागू करने की तैयारी कर रहा है।
शनिवार को चीन में ईरान के राजदूत ने इस बड़े फैसले की घोषणा करते हुए यह भी साफ कर दिया है कि हाल ही में अमेरिका और इजरायल के साथ हुए भीषण संघर्ष के दौरान जिन देशों ने तेहरान (ईरान) का खुला समर्थन किया था, उन्हें इस शुल्क में विशेष तरजीही व्यवहार और बड़ी छूट दी जाएगी।
ओमान के साथ मिलकर ईरान बना रहा है नया समुद्री ढांचा
चीन की राजधानी बीजिंग में आयोजित प्रतिष्ठित 'विश्व शांति मंच' (World Peace Forum) को संबोधित करते हुए चीन में ईरान के राजदूत अब्दोलरेज़ा रहमानी फ़ाज़ली ने इस ऐतिहासिक नीतिगत बदलाव की पुष्टि की। राजदूत फ़ाज़ली ने बताया कि ईरान इस रणनीतिक जलमार्ग के माध्यम से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात के कुशल प्रबंधन के लिए अपने पड़ोसी देश ओमान के साथ मिलकर एक पूरी तरह से नया ढांचा (Framework) विकसित करने पर काम कर रहा है। ईरान का यह बड़ा बयान ऐसे समय में आया है जब संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) ने इस जलमार्ग का उपयोग करने वाले जहाजों पर किसी भी तरह का शुल्क या टैक्स लगाने के ईरान के इस प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
60 दिनों की फ्री-सर्विस खत्म होने के बाद लागू होगा नया नियम
आपको बता दें कि हाल ही में मध्य पूर्व (Middle East) में हुए अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष की समाप्ति के बाद दोनों महाशक्तियों के बीच एक अंतरिम समझौता हुआ था। इस समझौते के तहत दोनों पक्ष वाणिज्यिक जहाजों को 60 दिनों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य से बिना किसी शुल्क (मुफ्त) के गुजरने देने पर सहमत हुए थे। हालांकि, वैश्विक बाजार में अभी यह सस्पेंस बना हुआ है कि इस अस्थायी 60 दिनों की व्यवस्था की अवधि समाप्त होने के बाद वहां कौन सा पक्का नियम लागू होगा।
इसी बीच ईरानी राजदूत फ़ज़ली ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, "एक ऐसे देश के रूप में जिसके प्रादेशिक जलक्षेत्र (Territorial Waters) के अंतर्गत होर्मुज़ का यह बड़ा हिस्सा आता है, हम निश्चित रूप से अंतरराष्ट्रीय जहाजों से सेवा शुल्क वसूलेंगे।" उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि दुनिया को इन शुल्कों को किसी साधारण टैक्स या जबरन टोल के रूप में नहीं देखना चाहिए।
टोल टैक्स नहीं बल्कि इन विशेष सेवाओं के बदले लिया जाएगा चार्ज
ईरान ने अंतरराष्ट्रीय विरोध से बचने के लिए साफ किया है कि यह कोई मनमाना टोल टैक्स नहीं है, बल्कि जहाजों को दी जाने वाली विशेष सेवाओं के बदले लिया जाने वाला शुल्क है। उन्होंने बताया कि इस प्रस्तावित शुल्क के दायरे में निम्नलिखित महत्वपूर्ण सेवाएं शामिल होंगी:
-
संकरे जलमार्ग में अंतरराष्ट्रीय जहाजों की पूरी तरह सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना।
-
अत्याधुनिक प्रणालियों के जरिए समुद्री यातायात की चौबीसों घंटे निगरानी करना।
-
इस रूट पर होने वाली भारी जहाजरानी (Shipping) गतिविधियों के कारण समुद्री पर्यावरण पर पड़ने वाले नुकसान और पर्यावरणीय प्रभाव को कम करना।