नए सुप्रीम लीडर से संपर्क साधना नामुमकिन! ईरान के राष्ट्रपति ने खुद खोली अंदर की पोल

नए सुप्रीम लीडर से संपर्क साधना नामुमकिन! ईरान के राष्ट्रपति ने खुद खोली अंदर की पोल

ईरान की शीर्ष लीडरशिप के बीच अंदरूनी मतभेदों और तनाव की खबरों के बीच देश के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने स्वीकार किया है कि मौजूदा दौर में नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के साथ संपर्क साधना और संवाद करना बेहद कठिन हो गया है।

एक इंटरव्यू के दौरान पेज़ेश्कियन ने कहा कि अमेरिका और इजरायल ने पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हत्या कर दी थी, ताकि ईरान ढह जाए, लेकिन देश आगे बढ़ता रहा और नए नेता का चयन हुआ। उन्होंने कहा कि तमाम मुश्किलों के बावजूद मोजतबा खामेनेई की मौजूदगी देश के लिए एक बड़ी ताकत का स्रोत है।

मोजतबा खामेनेई की सीमित पहुंच और नेतृत्व पर अटकलें

नया पद संभालने के बाद से मोजतबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं और वे मुख्य रूप से लिखित संदेशों के जरिए ही संवाद करते हैं। उनकी इस सीमित पहुंच और गोपनीयता के कारण ईरान के शीर्ष राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व के साथ उनके संबंधों को लेकर तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।

हाल ही में इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि मोजतबा ने राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन को अल्टीमेटम दिया है और प्रमुख रणनीतिक फैसलों पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के कमांडर अहमद वाहिदी का समर्थन किया है, जिससे राष्ट्रपति का राजनीतिक प्रभाव सीमित हो गया है।

क्रांति के बाद के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहा है ईरान

अपने शपथ ग्रहण की दूसरी सालगिरह पर सरकारी मीडिया को दिए साक्षात्कार में राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन ने देश के हालातों को बेहद गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय ईरान की इस्लामी क्रांति के बाद के इतिहास का सबसे कठिन दौर है। पहले से ही जारी कड़े आर्थिक प्रतिबंधों, बैंकों और वित्तीय ऑपरेशन्स पर लगे पहरों के बाद अब सैन्य टकराव ने देश की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी ताकतों का मुख्य मकसद बढ़ते दबाव के जरिए जनता को सरकार के खिलाफ भड़काना और असंतोष पैदा करना है, हालांकि जनता की राष्ट्रीय एकता ने अब तक देश को इस संकट से बचाए रखा है।

Latest Posts