इटली हिंसक प्रदर्शन: फिर भड़के प्रदर्शनकारी, रोम से ट्यूरिन तक लगाई आग! पुलिस झड़प के बीच जमकर मचाई लूट
इटली के प्रमुख शहरों में अचानक भड़की हिंसा ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। राजधानी रोम से लेकर औद्योगिक शहर ट्यूरिन तक प्रदर्शनकारियों ने जमकर उत्पात मचाया है। सरकारी नीतियों और आर्थिक तंगी के खिलाफ शुरू हुआ यह प्रदर्शन देखते ही देखते उग्र हो गया और शहर की मुख्य सड़कों पर प्रदर्शनकारियों ने गाड़ियों और दुकानों में आग लगा दी। जगह-जगह उठती आग की लपटों और धुएं के गुबार से पूरा इलाका युद्धक्षेत्र जैसा नजर आने लगा है। स्थानीय पुलिस और सुरक्षा बलों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पानी की बौछारें और आंसू गैस के गोले छोड़े, जिसके जवाब में प्रदर्शनकारियों की ओर से पत्थरबाजी और आतिशबाजी की गई।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच सीधी भिड़ंत: दर्जनों सुरक्षाकर्मी और आम लोग घायल
रोम के केंद्रीय इलाकों और ट्यूरिन के प्रशासनिक भवन के बाहर सुरक्षा बलों और उपद्रवियों के बीच सीधी भिड़ंत देखने को मिली। जब पुलिस ने उपद्रवियों को पीछे धकेलने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लिया, तो जवाब में उग्र भीड़ ने पुलिस वाहनों पर हमला कर दिया और कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। इस भीषण झड़प में दर्जनों पुलिसकर्मी और कई प्रदर्शनकारी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पुलिसबल की भारी तैनाती के बावजूद उपद्रवी इतने उग्र थे कि सुरक्षा घेरा तोड़कर आगे बढ़ गए और सार्वजनिक संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाया।
प्रदर्शन की आड़ में दुकानों में घुसे उपद्रवी: रोम और ट्यूरिन के बाजारों में जमकर मचाई गई लूटपाट
हिंसा और आगजनी की इस लहर के बीच उपद्रवियों ने कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए बड़े पैमाने पर लूटपाट की घटनाओं को अंजाम दिया। रोम के मुख्य व्यावसायिक बाजार और ट्यूरिन के शॉपिंग मॉल में भीड़ शीशे तोड़कर अंदर दाखिल हुई और कीमती सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स और ब्रांडेड कपड़ों को लूट लिया। स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों का कहना है कि मिनटों के भीतर उनकी दुकानों को पूरी तरह खाली कर दिया गया और विरोध करने पर दुकानदारों पर भी हमले किए गए। इस अराजकता से व्यापारियों को करोड़ों यूरो का नुकसान हुआ है, जिससे स्थानीय व्यापारिक समुदाय में गहरा गुस्सा और खौफ का माहौल बना हुआ है।
हिंसक प्रदर्शनों के पीछे की मुख्य वजहें और स्थानीय प्रशासन की सख्त चेतावनी
इटली में इस व्यापक विरोध प्रदर्शन की मुख्य वजह बढ़ती महंगाई, ईंधन की आसमान छूती कीमतें, बेरोजगारी और हाल ही में सरकार द्वारा घोषित आर्थिक नीतियां बताई जा रही हैं। युवा वर्ग और श्रमिक संगठन लंबे समय से इन नीतियों का विरोध कर रहे थे, लेकिन कल रात इस असंतोष ने हिंसक रूप ले लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए इटली के गृह मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय ने आपातकालीन बैठक बुलाई है। प्रशासन ने साफ चेतावनी जारी की है कि हिंसक घटनाओं, आगजनी और लूटपाट में शामिल असामाजिक तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा। सीसीटीवी फुटेज और वीडियो सर्विलांस के जरिए उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और अब तक सौ से ज्यादा संदिग्धों को हिरासत में लिया जा चुका है। पूरे शहर में अतिरिक्त सैन्य और पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।