7 गुप्त ठिकानों पर चल रहा है सॉलिड कंस्ट्रक्शन, सैटेलाइट इमेज ने उड़ाई दुनिया की नींद
दुनिया भर में अपनी विस्तारवादी नीतियों और सैन्य ताकत के बल पर दबदबा कायम करने की फिराक में रहने वाला चीन अब एक और बड़े और खतरनाक खेल में जुट गया है। हाल ही में सामने आई कुछ चौंकाने वाली सैटेलाइट तस्वीरों ने ड्रैगन के उस गुप्त और खौफनाक प्लान का पर्दाफाश कर दिया है, जिसे वह दुनिया से छिपाकर बेहद चालाकी से अंजाम दे रहा था। चीन की सीमा के भीतर सात ऐसे गुप्त ठिकाने या न्यूक्लियर साइट्स का पता चला है, जहां इन दिनों युद्ध स्तर पर संदिग्ध और सीक्रेट कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा है। इन अत्याधुनिक सैटेलाइट इमेज ने वैश्विक सुरक्षा एजेंसियों और रक्षा विशेषज्ञों की चिंताएं सातवें आसमान पर पहुंचा दी हैं। इस बात के पुख्ता संकेत मिल रहे हैं कि चीन अपनी परमाणु क्षमताओं का तेजी से विस्तार कर रहा है और भविष्य के किसी बड़े भू-राजनीतिक संघर्ष के लिए खुद को सामरिक रूप से अजय बनाने में जुटा हुआ है।
सैटेलाइट तस्वीरों से खुला ड्रैगन का राज: देश के अलग-अलग हिस्सों में न्यूक्लियर साइट्स पर चल रहा है बड़ा निर्माण कार्य
हाल ही में अंतरिक्ष से ली गई हाई-रिजॉल्यूशन सैटेलाइट इमेज ने चीन की चालबाजियों की पोल खोलकर रख दी है। इन तस्वीरों का बारीकी से अध्ययन करने वाले रक्षा विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का कहना है कि चीन अपने पारंपरिक सैन्य ठिकानों से हटकर दूर-दराज के इलाकों और पहाड़ी क्षेत्रों में गुप्त परमाणु संवर्धन और भंडारण केंद्रों का निर्माण कर रहा है। ये सातों ठिकाने देश के अलग-अलग भौगोलिक हिस्सों में स्थित हैं, जिन्हें इस तरह से डिजाइन किया गया है कि बाहरी दुनिया या किसी की भी सामान्य नजर इन तक न पहुंच सके। इन साइट्स पर भारी मशीनरी की आवाजाही, नए सुरंगनुमा रास्तों का निर्माण और सुरक्षा के कड़े इंतजाम यह साफ दर्शाते हैं कि बीजिंग बहुत बड़े पैमाने पर अपनी न्यूक्लियर पॉवर को आधुनिक और सुरक्षित रूप देने के लिए काम कर रहा है। इन तस्वीरों के सामने आने के बाद पेंटागन से लेकर कई पश्चिमी देशों की खुफिया एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।
वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा: परमाणु हथियारों के बेड़े को चुपचाप मजबूत कर रहा है बीजिंग
अंतरराष्ट्रीय संधियों और परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने वाले वैश्विक मंचों पर हमेशा शांति और पारदर्शिता का ढिंढोरा पीटने वाला चीन पर्दे के पीछे अपनी सैन्य ताकत को खतरनाक हद तक बढ़ाने में लगा हुआ है। रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि इन सात गुप्त ठिकानों पर चल रहा सॉलिड कंस्ट्रक्शन इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि चीन आने वाले दशकों में वैश्विक महाशक्ति बनने की अपनी जिद के तहत अपने परमाणु हथियारों के जखीरे को कई गुना बढ़ाने की योजना पर काम कर रहा है। मौजूदा समय में जब दुनिया पहले से ही रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व के तनाव जैसे गंभीर संकटों से जूझ रही है, ऐसे समय में चीन का इस तरह से अपनी न्यूक्लियर साइट्स का गुप्त विस्तार करना वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए एक बहुत बड़ा खतरा बन गया है। इस तरह के कदम पड़ोसी देशों और पश्चिमी महाशक्तियों को एक नए आर्म्स रेस यानी हथियारों की होड़ में उतरने के लिए मजबूर कर रहे हैं।
खुफिया एजेंसियों की पैनी नजर: चीन की इस संदिग्ध गतिविधि पर दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों की टिकी निगाहें
जैसे-जैसे सैटेलाइट इमेज के जरिए चीन के इन सात गुप्त ठिकानों और वहां चल रहे निर्माण कार्यों की परतें खुलती जा रही हैं, वैसे-वैसे ग्लोबल डिफेंस कम्युनिटी में बैठकों और रणनीतिक मंथन का दौर तेज हो गया है। अमेरिका, भारत, जापान और यूरोपीय देशों की खुफिया एजेंसियां इस पूरे मामले पर बेहद बारीकी से नजर बनाए हुए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन न्यूक्लियर साइट्स का असल मकसद क्या है। क्या चीन यहां नए परमाणु हथियार बना रहा है, या फिर पुराने हथियारों को अपग्रेड करके उन्हें सुरक्षित बंकरों में छिपा रहा है? इन तमाम सवालों के जवाब तलाशने के लिए अंतरिक्ष में मौजूद जासूस उपग्रहों की मदद ली जा रही है। हालांकि, बीजिंग हमेशा की तरह इन सभी अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों और खुलासों पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहा है, लेकिन सैटेलाइट से मिले अकाट्य सबूतों ने चीन के इस गुप्त और खतरनाक खेल को पूरी दुनिया के सामने बेनकाब कर दिया है।