20 हजार से ज्यादा पाकिस्तानी डिपोर्ट, सऊदी-UAE में सबसे बड़ी कार्रवाई; जानें कौन सा गुनाह करते पकड़े गए

20 हजार से ज्यादा पाकिस्तानी डिपोर्ट, सऊदी-UAE में सबसे बड़ी कार्रवाई; जानें कौन सा गुनाह करते पकड़े गए

पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के देशों ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया है। इसी कड़ी में खाड़ी देशों में रह रहे पाकिस्तानी प्रवासियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कानूनी और सुरक्षा संबंधी कार्रवाई देखने को मिली है।

हालिया सरकारी रिपोर्ट के अनुसार कुछ ही महीनों के भीतर 20,000 से अधिक पाकिस्तानी नागरिकों को विभिन्न खाड़ी देशों से डिपोर्ट कर उनके देश वापस भेज दिया गया है। यह सख्त कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब पाकिस्तान इन देशों के साथ अपने प्रगाढ़ कूटनीतिक रिश्तों का दावा करता रहा है।

नेशनल असेंबली में पेश किए गए चौंकाने वाले आंकड़े

पाकिस्तान के नारकोटिक्स कंट्रोल मंत्रालय द्वारा नेशनल असेंबली में रखे गए आधिकारिक ब्योरे के मुताबिक, 1 मार्च से 13 जुलाई के बीच 6 जीसीसी देशों से यह बड़े स्तर पर निष्कासन हुआ। खाड़ी क्षेत्र के बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने अवैध प्रवासियों, नियमों का उल्लंघन करने वालों और सुरक्षा के लिए खतरा बने लोगों पर शिकंजा कसा है।

इनमें ओवरस्टे, अवैध प्रवेश, भीख मांगना, नशीले पदार्थों की तस्करी, शरण के खारिज आवेदन और फर्जी दस्तावेजों के जरिए रहने वाले लोग शामिल हैं। इसके अलावा क्षेत्रीय संघर्षों और ईरानी हमलों से जुड़े वीडियो व संवेदनशील सामग्री सोशल मीडिया पर अपलोड करने के आरोप में भी कई लोगों को हिरासत में लेकर डिपोर्ट किया गया।

सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से सबसे बड़ी कार्रवाई

आंकड़ों का विश्लेषण करें तो प्रवासियों को बाहर निकालने में सऊदी अरब शीर्ष पर रहा। रियाद प्रशासन ने कुल 15,500 पाकिस्तानियों को डिपोर्ट किया। इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने 3,803, ओमान ने 1,606, बहरीन ने 521, कतर ने 429 और कुवैत ने 97 पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेजा। पाकिस्तान के संसदीय मामलों के मंत्री डॉ. तारिक फजल चौधरी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि ये आंकड़े केवल उन लोगों के हैं जिन्हें स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों ने औपचारिक रूप से पकड़ा और फिर पाकिस्तानी दूतावासों द्वारा इमरजेंसी ट्रैवल डॉक्यूमेंट (ETD) जारी कर वापस भेजा गया। अपनी मर्जी से या वैध पासपोर्ट से लौटे नागरिक इस सूची में शामिल नहीं हैं।

अलग-अलग उल्लंघनों और अपराधों पर गिरी गाज

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कुल डिपोर्ट किए गए लोगों में से 4,628 ऐसे थे जो कानून से फरार चल रहे थे। इसके अलावा 1,294 लोगों को जेल भेजा गया, 968 को ब्लैकलिस्ट किया गया, 1,155 मामले पासपोर्ट खोने के बाद सामने आए और 689 लोगों को स्पष्ट वीजा नियमों के उल्लंघन के कारण बाहर किया गया। वहीं 342 लोगों को प्रवेश द्वार पर ही रोक कर वापस लौटा दिया गया। 6,000 से ज्यादा निष्कासनों को मंत्रालय ने 'अन्य' श्रेणी में दर्ज किया है जिसका विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।

सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो बनाने पर बहरीन में गिरफ्तारी

क्षेत्रीय तनाव के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने डिजिटल गतिविधियों पर भी सख्त नजर रखी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मार्च महीने में बहरीन में ईरानी हमलों के असर से जुड़े वीडियो बनाने, उन्हें पब्लिश करने और री-पोस्ट करने के आरोप में 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया था जिनमें 5 पाकिस्तानी नागरिक शामिल थे। संघर्ष के इस दौर में सुरक्षा कारणों से खाड़ी देशों में संवेदनशील गतिविधियों और शिया समुदाय से जुड़े कुछ संदिग्ध मामलों में निगरानी और जांच काफी तेज कर दी गई थी।

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