नेतन्याहू का 'ईरान तबाही' का नया प्लान लीक, इन 4 ईरानियों की जेब में फटने वाले हैं बम

नेतन्याहू का 'ईरान तबाही' का नया प्लान लीक, इन 4 ईरानियों की जेब में फटने वाले हैं बम

मध्य पूर्व (Middle East) के सुलगते रणक्षेत्र से इस वक्त दुनिया को हिला देने वाली सबसे बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की खुफिया सैन्य एजेंसी मोसाद का एक बेहद गोपनीय और खतरनाक 'ईरान तबाही प्लान' कथित तौर पर लीक हो गया है। इस नए और चौंकाने वाले खुलासे ने तेहरान से लेकर वाशिंगटन तक भूचाल ला दिया है। लीक दस्तावेजों के अनुसार, इस बार इजराइल ने ईरान के खिलाफ कोई पारंपरिक मिसाइल या एयरस्ट्राइक जैसी रणनीति नहीं बनाई है, बल्कि एक ऐसा अत्याधुनिक और अदृश्य साइकोलॉजिकल व डिजिटल वॉरफेयर प्लान तैयार किया है जो सीधे तौर पर ईरान के सबसे सुरक्षित और अति-विशिष्ट 4 लोगों को निशाना बनाने वाला है। दावा किया जा रहा है कि इस गुप्त ऑपरेशन के तहत उन चार प्रमुख ईरानियों की जेब या व्यक्तिगत गैजेट्स में कुछ ऐसा होने वाला है जो पलभर में तबाही मचा देगा। इस सनसनीखेज खुलासे के सामने आने के बाद से ईरान की सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है और सर्वोच्च नेतृत्व ने देश भर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है।

बेंजामिन नेतन्याहू का नया और खौफनाक खुफिया प्लान लीक

इजराइल और ईरान के बीच चल रही दुश्मनी किसी से छिपी नहीं है, लेकिन हालिया लीक दस्तावेजों ने दोनों देशों के बीच तनाव को उस मोड़ पर ला खड़ा किया है जहां युद्ध का दायरा पूरी तरह बदल चुका है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बारे में यह जगजाहिर है कि वे अपने दुश्मनों को खत्म करने के लिए बेहद unconventional और चौंकाने वाले रणनीतिक फैसले लेते हैं। लीक हुई खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार इजरायली खुफिया एजेंसी ने ईरान के भीतर घुसकर उसके मुख्य रणनीतिकारों को एक साथ नेस्तनाबूद करने की एक ऐसी योजना बनाई है जिसे फिल्मी साजिश से भी ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है। इस प्लान के लीक होने से न केवल इजराइल की अगली बड़ी चाल का पर्दाफाश हुआ है, बल्कि इसने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में भी नई हलचल पैदा कर दी है कि आखिर इतनी संवेदनशील जानकारी बाहर कैसे आई।

किन 4 ईरानियों को बनाया गया है इस गुप्त ऑपरेशन का निशाना?

खुफिया लीक से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इस नए तबाही प्लान के केंद्र में ईरान के चार सबसे रसूखदार, रणनीतिक और सुरक्षा से जुड़े शीर्ष चेहरे हैं। इनमें कुछ हाई-प्रोफाइल सैन्य कमांडर, परमाणु वैज्ञानिक और शासन के बेहद करीबी नीति निर्माता शामिल हैं। इन चारों व्यक्तियों पर आरोप है कि वे ईरान के गुप्त परमाणु कार्यक्रमों, ड्रोन निर्माण इकाइयों और इजराइल के खिलाफ प्रॉक्सी वार को सीधे तौर पर संचालित कर रहे हैं। इजराइल लंबे समय से इन चेहरों को अपने रडार पर रखे हुए था, क्योंकि नेतन्याहू का मानना है कि इन चार स्तंभों को गिराए बिना ईरान के शासन की रीढ़ को नहीं तोड़ा जा सकता। यही वजह है कि मोसाद ने इन चुनिंदा लोगों को निशाना बनाने के लिए एक बेहद परिष्कृत और चुपचाप अंजाम देने वाली तकनीक का खाका तैयार किया है।

जेब में रखे गैजेट्स और आधुनिक तकनीक से तबाही की साजिश

इस लीक प्लान की सबसे डरावनी और हैरान करने वाली बात यह है कि हमला करने के लिए किसी बड़े बमबारी या रॉकेट की जरूरत नहीं बताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, आधुनिक साइबर वॉरफेयर और रिमोट सेंसिंग तकनीक का इस्तेमाल करते हुए इन चारों ईरानियों के दैनिक उपयोग के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों—जैसे उनके संचार उपकरणों, स्मार्टफोन्स या अन्य पॉकेट गैजेट्स—को ही हथियार में बदला जा सकता है। डिजिटल सिग्नल या रिमोट कमांड के जरिए उनकी जेब में रखे इन उपकरणों में अचानक इंटरनल मालफंक्शन या नियंत्रित विस्फोट कराने की तकनीक पर काम चल रहा है। इस तरह की अनोखी और अदृश्य स्ट्राइक का आइडिया ठीक वैसा ही है जैसा कुछ समय पहले लेबनान में पेजर और कम्यूनिकेशन डिवाइसेस के जरिए अंजाम दिया गया था, जिसने पूरी दुनिया को सन्न कर दिया था।

ईरान की सुरक्षा एजेंसियों में खलबली, तेहरान में हाई अलर्ट

जैसे ही इस गुप्त प्लान के लीक होने की खबर तेहरान के सत्ता के गलियारों तक पहुँची, वहाँ सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। ईरानी खुफिया एजेंसी और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने तुरंत आपात बैठक बुलाई और देश के सभी शीर्ष सैन्य अधिकारियों व उन चार चिन्हित लोगों की व्यक्तिगत सुरक्षा को कई गुना बढ़ा दिया है। उनके संपर्क साधनों की जांच की जा रही है और उन्हें किसी भी बाहरी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या संदिग्ध गैजेट से दूर रहने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। ईरान के सर्वोच्च नेतृत्व ने इसे इजराइल की मनोवैज्ञानिक युद्ध की चाल बताते हुए कसम खाई है कि अगर इस तरह की कोई भी हिमाकत की गई, तो उसका जवाब बेहद भीषण और विनाशकारी दिया जाएगा।

वैश्विक राजनीति और मध्य पूर्व के युद्ध पर क्या पड़ेगा असर?

इस लीक के सामने आने के बाद से अंतरराष्ट्रीय एक्सपर्ट्स का मानना है कि मध्य पूर्व का संघर्ष अब एक नए और अधिक खतरनाक चरण में प्रवेश कर चुका है। पारंपरिक युद्ध की सीमाएं अब टूट चुकी हैं और डिजिटल युग में जासूसी व रिमोट तकनीक सबसे बड़ा हथियार बन गई है। नेतन्याहू के इस तथाकथित प्लान के लीक होने से भले ही इजराइल के सामरिक तत्वों को झटका लगा हो, लेकिन इससे यह भी साबित होता है कि दोनों देशों के बीच खुफिया जंग किस हद तक नीचे उतर चुकी है। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या इजराइल अपने इस प्लान में बदलाव करता है या फिर ईरान अपनी सुरक्षा व्यवस्था के जरिए इस आसन्न खतरे को टालने में कामयाब हो पाता है।