नेपाल में कुदरत के कहर के बीच ‘लूट’ का खेल! बाढ़ में बहकर आई तिजोरी काटकर ले गए नकदी
पड़ोसी देश नेपाल इन दिनों सदी की सबसे भयानक प्राकृतिक आपदाओं में से एक का सामना कर रहा है। छब्बीस अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने और भोटेकोशी नदी में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ ने हजारों जिंदगियां तबाह कर दी हैं, जिसमें तेरह सौ से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और पांच हजार से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं।
इस बीच, बाढ़ के पानी में बहकर आए कीमती सामानों, नकदी और सोने-चांदी को समेटने तथा चोरी करने की घटनाओं ने प्रशासन की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नेपाल पुलिस ने रविवार को एक देशव्यापी सख्त चेतावनी जारी कर दी है।
बैंक की तिजोरी काटकर चुराई नकदी, २९ लोगों पर गिरी गाज
नेपाल पुलिस द्वारा यह कड़ा कदम धादिंग जिले में सामने आए एक बेहद सनसनीखेज मामले के बाद उठाया गया है। प्राकृतिक आपदा के दौरान बाढ़ के तेज बहाव में एक बैंक की भारी-भरकम सुरक्षित तिजोरी बहकर बेल्खुखोला इलाके में त्रिशूली नदी के किनारे आ लगी थी।
आरोप है कि स्थानीय कुछ लोगों ने इस लावारिस पड़ी तिजोरी को देखकर मौके का फायदा उठाया और कटर तथा अन्य औजारों की मदद से उसे काटकर उसके भीतर रखी सारी नकदी आपस में बांट ली। इस मामले की भनक लगते ही हरकत में आई नेपाल पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक उनसठ लोगों को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।
पुलिस की दो टूक चेतावनी, आपदा में मिला कीमती सामान तुरंत थाने में जमा कराएं
प्रशासन ने साफ निर्देश दिए हैं कि आपदा के समय अगर किसी भी नागरिक को बहकर आया हुआ कोई सोना-चांदी, आभूषण, नकदी, जरूरी दस्तावेज या कोई भी कीमती वस्तु मिलती है, तो वे उसे अपने पास छिपाने या बेचने के बजाय तुरंत नजदीकी पुलिस थाने में जमा कराएं।
पुलिस ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति ऐसा सामान अपने पास रखता है या बेचने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि संकट की इस घड़ी में जब सुरक्षा बल और राहत एजेंसियां दिन-रात लापता लोगों की खोज और राहत कार्यों में जुटी हैं, ऐसे में लूटपाट या चोरी जैसी आपराधिक गतिविधियां कतई बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।