भारत से पिटने के बाद ठिकाने आई पाकिस्तान की अक्ल अब सेना के बजट में करने जा रहा 100 अरब की भारी बढ़ोतरी
पिछले साल भारत के साथ हुए सैन्य टकराव में मुंह की खाने के बाद पड़ोसी देश पाकिस्तान को अब अपनी सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। भयंकर कंगाली और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के कर्ज तले दबे होने के बावजूद पाकिस्तान सरकार अगले वित्त वर्ष में अपने रक्षा बजट में करीब 100 अरब पाकिस्तानी रुपये (PKR) का भारी-भरकम इजाफा करने की तैयारी में है। यह चौंकाने वाला खुलासा खुद अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की एक हालिया स्टाफ रिपोर्ट में हुआ है।
भारत से मिली करारी हार का सता रहा है डर
गौरतलब है कि पिछले साल भारत के खिलाफ पाकिस्तान को एक बड़ा सैन्य युद्ध हारना पड़ा था। 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सेना को बुरी तरह से पराजित किया था और सीमा पार कई ठिकानों पर मिसाइलों से ताबड़तोड़ हमले किए थे। इस संघर्ष के दौरान भारत से बुरी तरह पिटने के बाद से ही पाकिस्तानी हुक्मरानों और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की रातों की नींद उड़ी हुई है। यही वजह है कि खस्ताहाल माली हालत के बाद भी वे सेना पर पानी की तरह पैसा बहाने को मजबूर हो रहे हैं।
बजट का आंकड़ा पार करेगा 2.66 ट्रिलियन
आईएमएफ समर्थित सुधार कार्यक्रम के तहत तैयार की जा रही बजट रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पाकिस्तान का रक्षा खर्च बढ़कर 2.665 ट्रिलियन (लाख करोड़) रुपये होने का अनुमान लगाया गया है। यह आंकड़ा चालू वित्त वर्ष के 2.564 ट्रिलियन रुपये के बजट से पूरे 100 अरब रुपये ज्यादा है। शहबाज सरकार आईएमएफ के कड़े सुधारों के बीच इस बजट को अंतिम रूप दे रही है, जिसमें राजस्व में भारी बढ़ोतरी का दावा किया गया है।
चीनी पनडुब्बियों और तुर्किये से नई डिफेंस डील
भारतीय सेना के आक्रामक रुख से डरा पाकिस्तान इन दिनों अपनी सेना के आधुनिकीकरण में पूरी ताकत से जुटा हुआ है। पाकिस्तान ने हाल ही में चीन से अत्याधुनिक हैंगोर-क्लास (Hangor-class) पनडुब्बियां खरीदी हैं, जो एयर-इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (AIP) सिस्टम से लैस हैं। इसके अलावा पाकिस्तान तुर्किये और अमेरिका के साथ भी कई गुप्त रक्षा सौदे कर रहा है। पाकिस्तान की ओर से रक्षा तकनीकों की यह ताबड़तोड़ खरीदारी नई दिल्ली के लिए भी एक चिंता का विषय बनी हुई है।
भुखमरी के कगार पर जनता, फिर भी बारूद पर फोकस
एक तरफ जहां पाकिस्तान अपनी सेना का पेट भरने के लिए 100 अरब रुपये अतिरिक्त लुटाने जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ देश की आम जनता दाने-दाने को मोहताज है। आईएमएफ की रिपोर्ट खुद इस बात की गवाही देती है कि देश में बेहद गरीबी में जी रहे लोगों के अलावा करीब 40 फीसदी आबादी आर्थिक रूप से पूरी तरह असुरक्षित है। रिपोर्ट में यह भी साफ कहा गया है कि सरकार इस साल के अंत तक देश के 10 सबसे भ्रष्ट संस्थानों की पहचान कर उनका ऑडिट करेगी।