सबसे बड़ी घुसपैठ से कांपा स्पेन: मोरक्को से स्यूटा क्यों तैरकर पहुंचे हजारों प्रवासी, जानें कोर्ट का वो सीक्रेट फैसला!
यूरोप का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले स्पेन के उत्तरी अफ्रीकी क्षेत्र 'स्यूटा' (Ceuta) में इतिहास का सबसे बड़ा प्रवासी संकट खड़ा हो गया है। मोरक्को की सीमा से अचानक हजारों की संख्या में अवैध प्रवासी समंदर तैरकर स्पेन की सीमा में दाखिल हो गए। इस अचानक आई प्रवासियों की बाढ़ से स्यूटा सहम उठा है और स्पेन सरकार को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सीमा पर सेना (Army) तक तैनात करनी पड़ गई है। इस अभूतपूर्व घुसपैठ के पीछे स्पेन की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) का एक ऐतिहासिक फैसला और उसके बाद सोशल मीडिया पर फैली एक अफवाह को मुख्य वजह माना जा रहा है।
स्पेन के सुप्रीम कोर्ट का वो फैसला जिसने बदली तस्वीर
दरअसल, स्पेन के सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक बड़ा कानूनी फैसला सुनाया। इस फैसले में कोर्ट ने साफ किया कि जो प्रवासी समंदर के रास्ते या तैरकर स्पेन के क्षेत्र (स्यूटा और मेलिला) में प्रवेश करते हैं, उन्हें प्रशासन बिना किसी कानूनी प्रक्रिया (Due Process) या बिना जांच के तुरंत वापस (Summary Deportation) मोरक्को नहीं भेज सकता। कोर्ट का यह नियम केवल पानी के रास्ते आने वालों पर लागू हुआ, जबकि जमीन पर लगी कटीली बाड़ या फेंसिंग लांघकर आने वालों पर पुरानी सख्त नीतियां बरकरार रहीं। कोर्ट के इस तकनीकी फैसले का उद्देश्य मानवाधिकारों की रक्षा करना था, लेकिन इसका नतीजा बेहद अप्रत्याशित रहा।
अफवाह की तरह फैली खबर और तस्करों का नेटवर्क एक्टिव
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को मानव तस्करों (Human Smugglers) और आपराधिक नेटवर्कों ने सोशल मीडिया पर एक अलग ही रंग में पेश कर दिया। मोरक्को और उप-सहारा अफ्रीका के व्हाट्सएप और फेसबुक ग्रुप्स में यह अफवाह 'जंगल की आग' की तरह फैल गई कि स्पेन ने समंदर के रास्ते आने वाले सभी प्रवासियों के लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं और अब वहां से डिपोर्ट नहीं किया जाएगा। इस भ्रामक जानकारी के झांसे में आकर हजारों युवा, बच्चे और परिवार मोरक्को के तटीय शहरों से स्यूटा के समुद्री तटों की ओर तैरकर या रबर ट्यूब के सहारे निकल पड़े।
स्यूटा में आपातकाल जैसे हालात और सेना की मुस्तैदी
प्रवासियों का यह सैलाब इतना बड़ा था कि अकेले एक दिन में हजारों लोग स्यूटा के तटों पर पहुंच गए, जिससे स्थानीय प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने इसे स्पेन की क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करार दिया। स्थानीय सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर आपातकाल लगाने की मांग की है। सीमा पर सेना की तैनाती के साथ ही स्पेन और मोरक्को के बीच कूटनीतिक बातचीत शुरू हुई, जिसके बाद द्विपक्षीय प्रत्यावर्तन समझौते (Repatriation Agreement) के तहत अवैध रूप से घुसे अधिकांश प्रवासियों को वापस मोरक्को भेजने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।