मिडिल ईस्ट में महायुद्ध! ईरान के बड़े मिसाइल हमले को अमेरिका ने जॉर्डन के आसमान में रोका, इराक में मची भारी तबाही!

मिडिल ईस्ट में महायुद्ध! ईरान के बड़े मिसाइल हमले को अमेरिका ने जॉर्डन के आसमान में रोका, इराक में मची भारी तबाही!

मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) एक बार फिर बारूद के ढेर पर बैठ गया है। ईरान और उसके सहयोगियों द्वारा किए गए एक बड़े हवाई हमले के बाद पूरे क्षेत्र में युद्ध के बादल गहरा गए हैं। ईरान की ओर से दागी गई दर्जनों आत्मघाती ड्रोन्स और मिसाइलों की खेप को अमेरिकी वायुसेना और डिफेंस सिस्टम ने जॉर्डन के हवाई क्षेत्र में इंटरसेप्ट करके हवा में ही नेस्तनाबूद कर दिया। इस जवाबी कार्रवाई के बाद इराक के कई इलाकों में भीषण धमाके सुने गए हैं, जिससे वहां भारी तबाही मची है। इस सैन्य टकराव ने वैश्विक कूटनीति और सुरक्षा मोर्चे पर खलबली मचा दी है।

जॉर्डन का आसमान बना अखाड़ा: हवा में ही ढेर हुईं ईरानी मिसाइलें

स्थानीय सैन्य सूत्रों के अनुसार, ईरान ने आधी रात को इजरायल और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए एक साथ कई घातक मिसाइलें लॉन्च की थीं। जैसे ही यह मिसाइलें जॉर्डन की सीमा में दाखिल हुईं, वहां तैनात अमेरिकी पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम और लड़ाकू विमानों ने मोर्चा संभाल लिया। आसमान में एक के बाद एक कई जोरदार धमाके हुए और ईरान की खतरनाक मिसाइलें मलबे में तब्दील होकर गिर गईं। जॉर्डन के नागरिकों ने आसमान में आग के गोले तैरते देखे, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

इराक में अमेरिकी एक्शन: सैन्य ठिकानों पर मची भारी तबाही

ईरान के इस दुस्साहस का जवाब देने के लिए अमेरिकी सेना ने इराक में मौजूद ईरान समर्थित मिलिशिया और उनके हथियारों के गोदामों पर ताबड़तोड़ एयरस्ट्राइक शुरू कर दी। इराक के अनबार प्रांत और सीरियाई सीमा से सटे इलाकों में अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने भारी बमबारी की है। इन हमलों में चरमपंथी गुटों के कमांड सेंटर और रॉकेट लॉन्चिंग पैड पूरी तरह तबाह हो गए हैं। जमीन से उठती आग की लपटें और धुएं का गुबार साफ गवाही दे रहा है कि जवाबी कार्रवाई कितनी भीषण थी।

क्षेत्रीय सुरक्षा और कूटनीतिक हलचल

इस बड़े सैन्य टकराव के बाद सऊदी अरब और जॉर्डन सहित पूरे क्षेत्र के देशों ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए जॉर्डन ने अपनी हवाई सीमा को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, अमेरिकी और क्षेत्रीय सहयोगी देश लगातार एक-दूसरे के संपर्क में हैं ताकि ईरान के किसी भी अगले कदम को नाकाम किया जा सके। पेंटागन ने एक बयान जारी कर कहा है कि वह अपने सहयोगियों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने की हर कोशिश का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

वैश्विक बाजार पर मंडराया संकट

मिडिल ईस्ट में भड़के इस नए तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर चिंताएं बढ़ गई हैं। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस इलाके में युद्ध की स्थिति बनने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में अचानक उछाल आने की आशंका पैदा हो गई है। अगर यह टकराव लंबा खिंचता है, तो इसका सीधा असर भारत सहित दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं और सप्लाई चेन पर पड़ सकता है। फिलहाल, सभी देशों की नजरें संयुक्त राष्ट्र और अमेरिकी प्रशासन के अगले कूटनीतिक कदमों पर टिकी हैं।

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