ट्रंप की ईरान को दो टूक: 'सही बर्ताव करो वरना अंजाम भुगतो'; होर्मुज में नाकाबंदी सख्त, 109 जहाजों के बदले रूट
अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य और कूटनीतिक तनाव अब अपने चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे गतिरोध पर बेहद आक्रामक और 'निर्णायक रुख' अपनाते हुए चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में बहुत बड़े घटनाक्रम होने वाले हैं। ट्रंप का यह कड़ा बयान तेहरान द्वारा कतर के मध्यस्थों के जरिए संघर्ष विराम वार्ता के लिए अमेरिका के सामने सात शर्तें रखने और मांगें न मानने पर 'आर-पार के युद्ध' की धमकी देने के तुरंत बाद सामने आया है।
'बेहतर व्यवहार करो, वरना देश उड़ाने का फैसला दूर नहीं': ट्रंप की खुली चेतावनी
फॉक्स न्यूज को दिए एक विशेष साक्षात्कार में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह इस समय 'निर्णय लेने की स्थिति' में हैं। यदि ईरानी शासन ने तुरंत अपने रवैये में सुधार नहीं किया और सही बर्ताव नहीं दिखाया, तो निकट भविष्य में दोनों देशों के टकराव को लेकर बहुत अप्रत्याशित और बड़े कदम उठाए जाएंगे। बेहद तल्ख लहजे में ट्रंप ने कहा कि उनके सामने सवाल यह है कि यदि वह पूरे देश को उड़ाने का कदम उठाते हैं तो वह कब और कैसे होगा, इसलिए ईरान के लिए बेहतर यही होगा कि वह जिम्मेदारी से पेश आए।
ईरान से निपटने के लिए ट्रंप ने सामने रखे 3 बड़े विकल्प
अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि वर्तमान संकट से निपटने के लिए उनकी मेज पर तीन प्रमुख विकल्प मौजूद हैं। पहला विकल्प है 'ईरान को पूरी तरह से सैन्य रूप से नष्ट कर देना'। दूसरा विकल्प है उस पर कड़े प्रतिबंध और दबाव बनाकर उसे 'आर्थिक रूप से पूरी तरह बर्बाद होने देना'। वहीं तीसरा विकल्प एक व्यावहारिक 'राजनयिक समझौता' करना है। ट्रंप ने संकेत दिया कि इन तीनों रास्तों में से कौन सा चुना जाएगा, यह पूरी तरह तेहरान के अगले कदमों पर निर्भर करेगा।
संयुक्त राष्ट्र सत्र में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन से मुलाकात के संकेत
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की बैठक के सिलसिले में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन के न्यूयॉर्क दौरे को लेकर भी ट्रंप ने अपनी प्रतिक्रिया दी। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह पेज़ेश्कियन से आमने-सामने बातचीत करेंगे, तो ट्रंप ने कहा कि वह बातचीत की मेज पर बैठने के लिए 'संभवतः तैयार' हैं। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तसनीम के अनुसार, पेज़ेश्कियन एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ अमेरिका पहुंच रहे हैं, जहां वे वैश्विक नेताओं के साथ कई द्विपक्षीय बैठकों में हिस्सा लेंगे।
होर्मुज जलडमरूमध्य में नौसैनिक नाकाबंदी सख्त, 109 जहाजों का मार्ग बदला
जमीनी और बयानी तल्खी के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में सैन्य टकराव गहराता जा रहा है। अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि ईरान पर लगाई गई सख्त समुद्री नाकाबंदी के तहत अमेरिकी नौसेना ने अब तक 109 वाणिज्यिक जहाजों का मार्ग बदल दिया है। सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि यूएसएस जॉन पॉल जोन्स (DDG 53) सहित अमेरिकी युद्धपोत जलक्षेत्र में लगातार गश्त कर रहे हैं, ताकि ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने या वहां से आने वाले जहाजों पर 14 जुलाई से प्रभावी नाकाबंदी का पूरी तरह पालन कराया जा सके।
वैश्विक तेल आपूर्ति पर संकट, होर्मुज में मालवाहक जहाजों की आवाजाही धड़ाम
दुनिया की कुल ऊर्जा और कच्चे तेल की आपूर्ति के लिए जीवन रेखा माना जाने वाला होर्मुज जलडमरूमध्य इस टकराव का सबसे संवेदनशील केंद्र बन गया है। युद्ध के बढ़ते जोखिम और नाकाबंदी के चलते अंतरराष्ट्रीय शिपिंग गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जहां सामान्य दिनों में प्रतिदिन औसतन 16 मालवाहक जहाज इस संकीर्ण जलमार्ग से गुजरते थे, वहीं हाल ही में यह संख्या घटकर मात्र 4 जहाजों तक सिमट गई है। जहाजों की आवाजाही में आई इस भारी गिरावट ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में तेल संकट और आपूर्ति बाधित होने की नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।