ट्रंप का सनसनीखेज दावा: रूस-चीन समेत 5 दुश्मनों के निशाने पर अमेरिकी चुनाव प्रणाली
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक बार फिर वैश्विक राजनीति और खुफिया गलियारों में भूचाल ला दिया है। 'चुनाव अखंडता' (Election Integrity) पर दिए अपने आधे घंटे के एक विशेष संबोधन के दौरान ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका की पूरी चुनाव प्रणाली रूस, चीन, ईरान, उत्तर कोरिया और कई खतरनाक गैर-सरकारी तत्वों (Non-State Actors) के लिए "खतरनाक रूप से" असुरक्षित हो चुकी है। ट्रंप ने आरोप लगाया कि इन विरोधी देशों के पास अमेरिका के संपूर्ण चुनाव ढांचे को पूरी तरह से तहस-नहस करने की डिजिटल क्षमता है। अपने दावों को सच साबित करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ने सैकड़ों टॉप-सीक्रेट खुफिया फाइलें (Intelligence Files) सार्वजनिक कर दी हैं, जिनके बारे में उनका कहना है कि ये 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में बीजिंग के सीधे हस्तक्षेप की पुष्टि करती हैं।
"वोटिंग मशीनों को लेकर वर्षों से बोला जा रहा है झूठ" — ट्रंप का बड़ा हमला
ट्रंप प्रशासन द्वारा जारी किए गए खुफिया दस्तावेजों के तीसरे सेट का हवाला देते हुए राष्ट्रपति ने पिछली सरकारों पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों को देश की चुनावी प्रणालियों में मौजूद तकनीकी कमजोरियों के बारे में बहुत पहले से ही सटीक जानकारी थी, लेकिन इसे दबाया गया। ट्रंप ने कहा, "चीन के हस्तक्षेप को छिपाना तो महज एक शुरुआत थी। इन नए दस्तावेजों से साफ होता है कि कई सालों तक अमेरिकी जनता से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (Electronic Voting Machines) और मतों की गिनती करने वाली प्रणालियों की सुरक्षा को लेकर खुलेआम झूठ बोला गया। हमारा पूरा चुनावी बुनियादी ढांचा असुरक्षित है और इसमें बेहद आसानी से सेंध लगाई जा सकती है।"
सेंट्रलाइज्ड डेटाबेस और वोटर रजिस्ट्रेशन सिस्टम सबसे कमजोर कड़ियां
राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी खुफिया समुदाय (US Intelligence Community) की एक बेहद गोपनीय रिपोर्ट के अंशों को पढ़कर सुनाया। इस खुफिया आकलन में देश के चुनाव ढांचे के सबसे कमजोर बिंदुओं (Vulnerabilities) को चिन्हित किया गया है, जिनमें शामिल हैं:
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केंद्रीकृत चुनाव संबंधी डेटाबेस (Centralized Election Databases)
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मतदाता पंजीकरण प्रणाली (Voter Registration Systems)
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इलेक्ट्रॉनिक पोलबुक (Electronic Pollbooks)
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आधिकारिक चुनाव वेबसाइटें (Official Election Websites)
रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि यदि अमेरिका के विरोधी इन सेंट्रलाइज्ड डेटा प्रणालियों तक अवैध डिजिटल पहुंच (Cyber Access) हासिल कर लेते हैं, तो वे पूरी मतदान प्रक्रिया और जनादेश को पूरी तरह से बाधित या विकृत कर सकते हैं।