यहां पर मिलेंगी ट्रम्प की पत्नी मेलानिया, कर दो मर्डर..." ईरान से जारी वीडियो ने मचाई हलचल
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे भयंकर तनाव के बीच एक बेहद खतरनाक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ईरान के सुप्रीम लीडर को सीधे रिपोर्ट करने वाली ताकतवर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़ी एक ईरानी समाचार एजेंसी ने एक सनसनीखेज वीडियो जारी किया है।
इस वीडियो में आजादी के लिए लड़ने वाले मुजाहिदों और इस्लामिक रिपब्लिक के समर्थकों से अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप की हत्या करने की खुली अपील की गई है। सिर्फ इतना ही नहीं, इस वीडियो में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटे बैरन ट्रंप को भी निशाना बनाने की सीधी धमकी दी गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भूचाल आ गया है।
मेलानिया ट्रंप की पसंदीदा जगहों की पहचान कर दी गई धमकी
तस्नीम न्यूज एजेंसी द्वारा जारी किए गए इस वीडियो में अमेरिकी फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप के आने-जाने वाले ठिकानों और उनकी पसंदीदा जगहों की खास तौर पर पहचान की गई है। फुटेज में उन लोकेशंस को दिखाया गया है जहां वे सबसे ज्यादा शॉपिंग के लिए जाती हैं।
वीडियो के जरिए समर्थकों उकसाया गया है कि वे फर्स्ट लेडी को अपना निशाना बनाएं। इस वीडियो का कैप्शन बेहद डरावना और खतरनाक है, जिसमें लिखा गया है- ‘मेलानिया की हत्या कहां करें?’ इस वीडियो का अंत राष्ट्रपति ट्रंप के बेटे बैरन ट्रंप को दी गई खुली चेतावनी के साथ होता है, जिसमें कहा गया है कि उन्हें अब हमारा इंतजार करना चाहिए।
IRGC से जुड़ी एजेंसी और नेतन्याहू-ट्रंप के बीच बढ़ता वाकयुद्ध
तस्नीम न्यूज एजेंसी को ईरान के शक्तिशाली सैन्य संगठन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से बेहद गहराई से जुड़ा हुआ माना जाता है, हालांकि यह सीधे तौर पर इसका आधिकारिक मीडिया आउटलेट नहीं है। यह भड़काने वाला वीडियो ऐसे समय में सामने आया है जब तेहरान और वाशिंगटन के बीच पिछले कई महीनों से सैन्य टकराव और तीखी बयानबाजी के कारण तनाव चरम पर है।
हाल ही में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी इस्लामिक जगत के मामलों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी थी, जिस पर पलटवार करते हुए ट्रंप ने कहा था कि उन्हें यह बताने की जरूरत नहीं है कि किसे हथियार बेचना है। इस बीच आए इस वीडियो पर अभी तक किसी भी ईरानी अधिकारी ने सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है और न ही यह स्पष्ट किया है कि यह वहां की सरकार का आधिकारिक रुख है या नहीं।