ट्रंप के नए टैरिफ पर अमेरिका में बवाल, 25 राज्यों ने किया मुकदमा; भारत को 10% शुल्क से मिली राहत
अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की नई वैश्विक टैरिफ नीति को लेकर बड़ा कानूनी विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिका के 25 डेमोक्रेटिक-शासित राज्यों के गठबंधन ने भारत समेत 60 देशों पर लगाए गए नए वैश्विक शुल्क के खिलाफ अदालत में मुकदमा दायर किया है। राज्यों का आरोप है कि ट्रंप प्रशासन ने कानून के दायरे से बाहर जाकर परिवारों, कारोबारियों और आयातकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने की कोशिश की है।
समाचार एजेंसी एपी के अनुसार, न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय में हार के बाद भी ट्रंप प्रशासन एक बार फिर नए टैरिफ के जरिए अवैध रूप से कर बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। उनका कहना है कि यह कदम अमेरिकी परिवारों और व्यवसायों के हितों के खिलाफ है।
पहले भी अदालत ने रद्द किया था वैश्विक टैरिफ
इससे पहले भी ट्रंप प्रशासन को वैश्विक टैरिफ मामले में कानूनी झटका लग चुका है। न्यूयॉर्क स्थित अंतर्राष्ट्रीय व्यापार न्यायालय के तीन न्यायाधीशों की पीठ ने 10 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ को अवैध करार देते हुए कहा था कि यह कांग्रेस द्वारा राष्ट्रपति को दिए गए अधिकारों की सीमा से बाहर है। अदालत ने स्पष्ट किया था कि इस प्रकार का व्यापक शुल्क लगाने का अधिकार राष्ट्रपति के पास नहीं है।
किन राज्यों ने दायर किया मुकदमा
ट्रंप प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दायर करने वाले राज्यों में एरिज़ोना, कैलिफ़ोर्निया, कोलोराडो, कनेक्टिकट, डेलावेयर, हवाई, इलिनोइस, केंटकी, मेन, मैरीलैंड, मैसाचुसेट्स, मिशिगन, मिनेसोटा, नेवादा, न्यू जर्सी, न्यू मैक्सिको, न्यूयॉर्क, नॉर्थ कैरोलिना, ओरेगन, पेंसिल्वेनिया, रोड आइलैंड, वर्मोंट, वर्जीनिया, वाशिंगटन और विस्कॉन्सिन शामिल हैं।
किन देशों पर कितना टैरिफ लगाया गया
ट्रंप प्रशासन ने जबरन श्रम से तैयार किए गए उत्पादों के खिलाफ वैश्विक कार्रवाई के तहत देशों को अलग-अलग श्रेणियों में रखा है। जिन देशों में ऐसे उत्पादों पर कानूनी नियंत्रण कमजोर या लगभग नहीं है, जिनमें चीन और जापान शामिल हैं, उन पर 12.5 प्रतिशत का उच्च टैरिफ लगाया गया है।
वहीं, जिन देशों में पहले से प्रतिबंध लागू हैं, आंशिक नियंत्रण मौजूद है या जिन्होंने समान कानूनी ढांचा अपनाने की प्रतिबद्धता जताई है, उनमें भारत, श्रीलंका और यूरोपीय संघ शामिल हैं। इन देशों को 10 प्रतिशत की कम टैरिफ दर के दायरे में रखा गया है।
हालांकि, अमेरिका-मेक्सिको-कनाडा समझौते (USMCA) के तहत आने वाले उत्पादों और तेल एवं गैस आयात जैसी कुछ श्रेणियों को इस टैरिफ से पूरी तरह छूट दी गई है। इसके अलावा समय सीमा से पहले पारगमन में मौजूद शिपमेंट को 28 जुलाई तक राहत देने का भी प्रावधान किया गया है।
भारत को 10% टैरिफ कैसे मिला
भारत को शुरुआत में 12.5 प्रतिशत के उच्च टैरिफ वर्ग में रखा गया था। जून में अमेरिकी वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी प्रारंभिक प्रस्ताव में भारत इसी श्रेणी में शामिल था। लेकिन 14 जून को भारत के वाणिज्य मंत्रालय ने अपनी विदेश व्यापार नीति में संशोधन करते हुए जबरन या दबावयुक्त श्रम के माध्यम से किए गए आयात पर प्रतिबंध लगा दिया।
इस नीति परिवर्तन के बाद भारत की स्थिति में बदलाव आया और अमेरिका ने भारत को कम टैरिफ वाले 10 प्रतिशत वर्ग में शामिल कर दिया। ट्रंप प्रशासन का मानना था कि भारत के इस कदम से उसकी प्रमुख चिंता का समाधान हुआ है।