क्या फिर रची जा रही थी बड़ी साजिश? डोनाल्ड ट्रंप के गोल्फ कोर्स से संदिग्ध हथियारबंद गिरफ्तार, सुरक्षा एजेंसियों में मचा हड़कंप
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर से बड़ा गंभीर सवाल खड़ा हो गया है। एक ताजा घटनाक्रम में अमेरिका की सुरक्षा एजेंसियों ने डोनाल्ड ट्रंप के फ्लोरिडा स्थित गोल्फ कोर्स के पास से एक संदिग्ध हथियारबंद शख्स को गिरफ्तार किया है। इस घटना के सामने आने के बाद से ही अमेरिकी खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। पिछले कुछ समय में ट्रंप की सुरक्षा पर मंडराते खतरों को देखते हुए इस नई घटना ने पूरी अमेरिकी राजनीतिक और सुरक्षा व्यवस्था को एक बार फिर से हाई अलर्ट पर ला दिया है।
गोल्फ कोर्स के पास संदिग्ध की मौजूदगी से मचा हड़कंप
घटना उस समय सामने आई जब सुरक्षा में तैनात सीक्रेट सर्विस के एजेंट और स्थानीय पुलिस के जवान इलाके की नियमित गश्त और निगरानी कर रहे थे। इसी दौरान गोल्फ कोर्स के नजदीकी इलाके में एक संदिग्ध व्यक्ति को संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त देखा गया। तुरंत कार्रवाई करते हुए सुरक्षा बलों ने उसे दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से हथियार बरामद किए गए, जिसके बाद से ही सुरक्षा तंत्र में खलबली मच गई है। एजेंसियां इस बात की गहराई से जांच कर रही हैं कि आखिर इस हथियारबंद शख्स के इरादे क्या थे और वह इस हाई-सिक्योरिटी जोन तक कैसे पहुंचा।
पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां और हो चुके हैं हमले के प्रयास
डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा को लेकर हालिया महीनों में चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। पिछले साल भी पेंसिल्वेनिया में एक चुनावी रैली के दौरान डोनाल्ड ट्रंप पर जानलेवा हमला हुआ था जिसमें बाल-बाल उनकी जान बची थी। इसके अलावा फ्लोरिडा में ही उनके एक अन्य गोल्फ क्लब के पास से एक अन्य संदिग्ध को हथियार के साथ पकड़ा गया था। बार-बार इस तरह की घटनाएं सामने आने से यह साफ हो जाता है कि पूर्व राष्ट्रपति को निशाना बनाने के लिए सुनियोजित प्रयास किए जा रहे हैं। यही वजह है कि ताजा गिरफ्तारी के बाद ट्रंप की सुरक्षा व्यवस्था को पहले से कहीं अधिक कड़ा कर दिया गया है।
जांच के घेरे में सुरक्षा चूक और संदिग्ध के संभावित मददगार
फिलहाल अमेरिकी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन यानी एफबीआई और सीक्रेट सर्विस मिलकर इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई हैं। गिरफ्तार किए गए संदिग्ध से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वह अकेला इस साजिश को अंजाम देने आया था या फिर उसके पीछे किसी बड़े आपराधिक या राजनीतिक षड्यंत्र का हाथ है। अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी बारीकी से जांच कर रही हैं कि क्या सुरक्षा घेरे में किसी प्रकार की कोई चूक हुई थी या सतर्कता के चलते एक बड़ा हादसा टल गया। इस घटना के बाद से अमेरिका में एक बार फिर नेताओं की सुरक्षा और देश की आंतरिक व्यवस्था पर गंभीर बहस छिड़ गई है।