कौन है Agent 47? यूरोप के टीनेजर्स को बना रहा चलता-फिरता सुपारी किलर, ढूंढ रही 11 देशों की पुलिस
यूरोप के किशोरों को चलता-फिरता सुपारी किलर बनाने वाले एक रहस्यमयी ऑनलाइन नेटवर्क ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। इस पूरे खूंखार खेल के पीछे 'एजेंट 47' नाम का एक डिजिटल हैंडल काम कर रहा है, जो इंटरनेट के काले गलियारों से कम उम्र के लड़कों को पैसों और महंगे गैजेट्स का लालच देकर भर्ती कर रहा है। आज की तारीख में यूरोप के कम से कम 11 देशों की पुलिस इस अज्ञात मास्टरमाइंड और उसके बिछाए जाल को नेस्तनाबूद करने के लिए रात-दिन एक कर रही है।
सोशल मीडिया पर 'हिटमैन भर्ती' का खूंखार मॉडस ऑपरेंडी
यह नेटवर्क उन किशोरों को अपना निशाना बनाता है जो अमूमन सोशल मीडिया, एन्क्रिप्टेड चैटिंग ऐप्स और गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर एक्टिव रहते हैं। 'एजेंट 47' नाम के इस हैंडल से युवाओं को ऐसे असाइनमेंट दिए जाते हैं जो शुरुआत में बेहद साधारण लगते हैं, जैसे किसी जगह की रेकी करना या कोई पार्सल पहुंचाना। धीरे-धीरे इन लड़कों को गंभीर अपराधों, आगजनी और यहां तक कि टारगेट किलिंग यानी सुपारी लेकर हत्या करने जैसे आत्मघाती रास्तों पर धकेल दिया जाता है। जांचकर्ताओं के मुताबिक, इन टीनेजर्स को पकड़ना पुलिस के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन गया है क्योंकि इनका कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होता।
11 देशों की पुलिस और इंटरनेशनल कूनो का साझा रेस्क्यू ऑपरेशन
इस खूंखार सिंडिकेट की भनक लगते ही यूरोपीय संघ की कानून प्रवर्तन एजेंसियों समेत कुल 11 देशों की पुलिस ने एक बड़ा संयुक्त ऑपरेशन शुरू कर दिया है। पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क सीमा पार से संचालित हो रहा है, जिससे किसी एक देश की एजेंसी के लिए इसे ट्रैक करना नामुमकिन था। साइबर सेल और खुफिया विभाग अब उन डिजिटल फुटप्रिंट्स को खंगाल रहे हैं, जिनके जरिए यह 'एजेंट 47' युवाओं के दिमाग में जहर घोल रहा था। कई देशों में संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी शुरू कर दी गई है ताकि इस डिजिटल माफिया के मुख्य सर्वर या ऑपरेटर तक पहुंचा जा सके।
ऑनलाइन गेमिंग और डार्क वेब का खतरनाक कॉकटेल
जांच में यह भी सामने आया है कि इस नेटवर्क का नाम 'एजेंट 47' एक मशहूर वीडियो गेम के कैरेक्टर से प्रेरित है, जो गेमिंग की दुनिया में एक प्रोफेशनल कांट्रैक्ट किलर है। इसी पॉप-कल्चर का फायदा उठाकर यह क्रिमिनल रिंग मासूम बच्चों को एक आभासी दुनिया का भ्रम देती है, जहां अपराध करना एक गेम खेलने जैसा थ्रिलिंग लगता है। माता-पिता और साइबर एक्सपर्ट्स को आगाह किया गया है कि वे अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों, अचानक से उनके पास आने वाले महंगे सामान या अनजान स्रोतों से होने वाली पैसों की आमदनी पर पैनी नजर रखें।