कौन है फ्लाईदुबई फ्लाइट को हाईजैक करने की कोशिश करने वाला को-पायलट, जानें ओमान से सीरिया तक का पूरा कनेक्शन
दुबई से तेल अवीव जा रहे फ्लाईदुबई के विमान को हवा में हाईजैक करने की सनसनीखेज कोशिश के तार अब ऑस्ट्रेलिया से जुड़ते दिख रहे हैं। विमान के कॉकपिट में भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मच्छार पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला करने वाले 29 वर्षीय को-पायलट हमाम अल-हमामी के दो साल तक ऑस्ट्रेलिया में बतौर छात्र रहने की बात सामने आने के बाद ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) सरकार ने इस खौफनाक वारदात को सीधे तौर पर आतंकी हमला करार दिया है और वैश्विक एजेंसियों के साथ मिलकर पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।
ऑस्ट्रेलिया में की इंजीनियरिंग की पढ़ाई
ब्रिटिश अखबार 'द गार्जियन' के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, ओमानी नागरिक अल-हमामी को वर्ष 2014 में ऑस्ट्रेलिया का स्टूडेंट वीजा जारी हुआ था, जिसके बाद वह 2015 से 2017 तक वहां रहा। बाद में कॉलेज की पढ़ाई बीच में छूटने की पुष्टि होने पर ऑस्ट्रेलियाई आव्रजन विभाग ने 2019 में उसका वीजा रद्द कर दिया था। उसके हटाए जा चुके पेशेवर प्रोफाइल के आधार पर दावा किया गया है कि उसने ऑस्ट्रेलिया में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी, हालांकि विश्वविद्यालय के नाम की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
अल-हमामी का बैकग्राउंड शुरू से ही सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर
संयुक्त अरब अमीरात में जन्मे अल-हमामी का बैकग्राउंड शुरू से ही सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर रहा है। ओमानी पिता और सीरियाई मां की संतान अल-हमामी ने करीब सात साल तक ओमान एयर में काम किया, जहां चरमपंथी रुझानों के शक के चलते अधिकारियों ने उस पर उड़ान भरने का प्रतिबंध लगा दिया था और उसे ग्राउंडेड कर प्रशासनिक काम सौंप दिया गया था। इसके बाद उसने ब्रिटेन की बकिंघमशायर न्यू यूनिवर्सिटी से विमानन प्रबंधन में दूरस्थ शिक्षा (डिस्टेंस लर्निंग) की डिग्री ली और मोरक्को की रॉयल एयर मैरोक में कुछ समय प्रशिक्षण भी लिया, हालांकि वहां भी उसे पूर्णकालिक नियुक्ति नहीं मिली।
जांच अधिकारियों के अनुसार अल-हमामी ने सीरिया में भी वक्त बिताया था, जिसे लेकर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उसके तेजी से इस्लामी कट्टरपंथ की गिरफ्त में आने की बात कही है। हैरानी की बात यह है कि कॉकपिट में हुई इस हिंसक वारदात के करीब नौ घंटे बाद भी उसके सोशल मीडिया अकाउंट से आतंकी सामग्री से जुड़े पोस्ट साझा किए गए थे। बुधवार सुबह हुए इस खौफनाक घटनाक्रम के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार की सूझबूझ और यात्रियों की दिलेरी से विमान एक बड़े हादसे से बच गया था, जिन्होंने जख्मी हालत में कॉकपिट का दरवाजा खोलकर हमलावर को-पायलट को दबोच लिया था।