दुनिया ने खींचे हाथ, नेपाल में मचा हाहाकार! 8 अरब से लुढ़ककर 2 अरब पर सिमटी विदेशी सहायता!
नेपाल सरकार की आर्थिक मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं क्योंकि चालू वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान देश को मिलने वाली विदेशी सहायता की प्रतिबद्धता में साढ़े तीन गुना की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
वित्त मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, सितंबर महीने में विदेशी मदद का आंकड़ा गिरकर महज 2 अरब 20 करोड़ 38 लाख नेपाली रुपये रह गया है जो कि पूरी तरह से अनुदान (ग्रांट) के रूप में है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह राशि 8 अरब 6 करोड़ रुपये थी। सरकार ने इस वित्त वर्ष के लिए कुल 61 अरब 74 करोड़ 54 लाख रुपये विदेशी अनुदान और 248 अरब 28 करोड़ रुपये का भारी-भरकम विदेशी ऋण जुटाने का बड़ा लक्ष्य रखा है।
अगर क्षेत्रवार फंड के बंटवारे की बात करें तो इस बार कृषि सेक्टर सबसे आगे रहा जहां कुल विदेशी सहायता का 70 प्रतिशत हिस्सा निवेश किया गया, इसके बाद शिक्षा क्षेत्र में 17.4 प्रतिशत और अन्य क्षेत्रों में 12.7 प्रतिशत हिस्सा आया, जबकि पिछले वित्त वर्ष में ऊर्जा क्षेत्र को 84.4 प्रतिशत के साथ सबसे ज्यादा फंड मिला था।
इसके अलावा सितंबर महीने में वास्तविक नकद प्राप्ति की बात करें तो नेपाल को 24 करोड़ 3 लाख रुपये का विदेशी अनुदान और 3 अरब 29 करोड़ 80 लाख रुपये का विदेशी कर्ज मिला है, जो कुल मिलाकर 3 अरब 53 करोड़ 83 लाख रुपये बैठता है; जबकि पिछले वर्ष इसी दौरान देश को 42 करोड़ 19 लाख का अनुदान और 4 अरब 57 करोड़ 48 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ था।